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Roorkee News: नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर प्रशासन सतर्क
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पर्वतीय और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा व सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। फिलहाल गंगा का जलस्तर सामान्य है लेकिन लगातार हो रही बारिश में जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में ग्रामीणों को सतर्कता बरतने और गंगा क्षेत्र में नहीं जाने को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में भी बारिश का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में गंगा व सोलानी नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। फिलहाल गंगा का जलस्तर सामान्य बना हुआ है। गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी के निशान 293 मीटर से भी नीचे है लेकिन बारिश के कारण इसमें उतार चढ़ाव की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में प्रशासन अलर्ट है। अचानक जलस्तर बढ़ने से किसी प्रकार की क्षति की आशंका को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर पुलिस तटीय इलाकों में लोगों को जागरूक कर रही है। बुधवार को पुलिसकर्मियों ने गंगा से सटे इलाकों में एनाउंसमेंट करते हुुए बताया कि मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए लोग अगले 48 घंटों तक नदी क्षेत्र में जाने न जाएं।
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क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बारिश से नदियों के जलस्तर में उतार - चढ़ाव की संभावना को देखते हुए तटीय क्षेत्र में लोगों को नदी क्षेत्र में नहीं जाने के लिए सतर्क किया जा रहा है। - अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम लक्सर
प्रशासन ने बाढ़ निगरानी चौकियों को सक्रिय किया
मानसून के दौरान बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने तहसील क्षेत्र में चारों बाढ़ निगरानी चौकियाें को सक्रिय कर दिया है। चौकियों पर विभागीय कर्मचारियों की तैनाती के साथ उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। कर्मचारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
लक्सर तहसील क्षेत्र में मानसून के दौरान गंगा और सोलानी का जलस्तर बढ़ने से गंगा और सोलानी नदियों से सटे 24 से अधिक गांवों में कमोबेश हर साल ही बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। मानसून दस्तक दे चुका है। पर्वतीय और मैदान इलाकों में बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ऐसे में नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है।
तहसील क्षेत्र में बालावाली, भिक्कमपुर, माडाबेला और गोवर्धनपुर चार बाढ़ निगरानी चौकियां बनाई गईं हैं। चारों बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए यहां कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रशासन ने आपात स्थिति में सूचना और सहायता प्राप्त करने के लिए कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से संपर्क करने के लिए नंबर भी जारी किए हैं।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को नदियों के जलस्तर और आपात स्थितियों की निगरानी करने व जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि तहसील क्षेत्र में चार बाढ़ चाैकियां बनाई गई हैं। कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
ये गांव हैं संवेदनशील
लक्सर तहसील में गंगा और सोलानी क्षेत्र में गंगदासपुर, शिवपुरी, पंडितपुरी, केवलपुरी, डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, रायसी, रामपुर रायघटी, कबूलपुर रायघटी, मोहम्मदपुर, मथाना, ढाढेकी, कुआंखेड़ा, दाबकी, भुरनी, भुरना, ढाढेकी, दाबकी, दाबकी खेड़ा कर्णपुर, हस्तमौली, जोगावाला, शेरपुर बेला, माडाबेला, दल्लावाला सहित 30 से अधिक गांव बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
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मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में भी बारिश का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में गंगा व सोलानी नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। फिलहाल गंगा का जलस्तर सामान्य बना हुआ है। गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी के निशान 293 मीटर से भी नीचे है लेकिन बारिश के कारण इसमें उतार चढ़ाव की स्थिति बन सकती है।
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ऐसे में प्रशासन अलर्ट है। अचानक जलस्तर बढ़ने से किसी प्रकार की क्षति की आशंका को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर पुलिस तटीय इलाकों में लोगों को जागरूक कर रही है। बुधवार को पुलिसकर्मियों ने गंगा से सटे इलाकों में एनाउंसमेंट करते हुुए बताया कि मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए लोग अगले 48 घंटों तक नदी क्षेत्र में जाने न जाएं।
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क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बारिश से नदियों के जलस्तर में उतार - चढ़ाव की संभावना को देखते हुए तटीय क्षेत्र में लोगों को नदी क्षेत्र में नहीं जाने के लिए सतर्क किया जा रहा है। - अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम लक्सर
प्रशासन ने बाढ़ निगरानी चौकियों को सक्रिय किया
मानसून के दौरान बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने तहसील क्षेत्र में चारों बाढ़ निगरानी चौकियाें को सक्रिय कर दिया है। चौकियों पर विभागीय कर्मचारियों की तैनाती के साथ उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। कर्मचारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
लक्सर तहसील क्षेत्र में मानसून के दौरान गंगा और सोलानी का जलस्तर बढ़ने से गंगा और सोलानी नदियों से सटे 24 से अधिक गांवों में कमोबेश हर साल ही बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। मानसून दस्तक दे चुका है। पर्वतीय और मैदान इलाकों में बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ऐसे में नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है।
तहसील क्षेत्र में बालावाली, भिक्कमपुर, माडाबेला और गोवर्धनपुर चार बाढ़ निगरानी चौकियां बनाई गईं हैं। चारों बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए यहां कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रशासन ने आपात स्थिति में सूचना और सहायता प्राप्त करने के लिए कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से संपर्क करने के लिए नंबर भी जारी किए हैं।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को नदियों के जलस्तर और आपात स्थितियों की निगरानी करने व जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि तहसील क्षेत्र में चार बाढ़ चाैकियां बनाई गई हैं। कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
ये गांव हैं संवेदनशील
लक्सर तहसील में गंगा और सोलानी क्षेत्र में गंगदासपुर, शिवपुरी, पंडितपुरी, केवलपुरी, डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, रायसी, रामपुर रायघटी, कबूलपुर रायघटी, मोहम्मदपुर, मथाना, ढाढेकी, कुआंखेड़ा, दाबकी, भुरनी, भुरना, ढाढेकी, दाबकी, दाबकी खेड़ा कर्णपुर, हस्तमौली, जोगावाला, शेरपुर बेला, माडाबेला, दल्लावाला सहित 30 से अधिक गांव बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं।