{"_id":"6a2d5eb829ddd482650c5348","slug":"administration-takes-to-the-streets-against-child-labour-roorkee-news-c-5-1-drn1027-994434-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: बालश्रम के खिलाफ सड़कों पर उतरा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: बालश्रम के खिलाफ सड़कों पर उतरा प्रशासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार बाल सहायता केंद्र (1098), श्रम विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत सिविल लाइन, चौपाटी बाजार सहित विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानों, वर्कशॉप, होटल व ढाबों का निरीक्षण किया गया एवं बालश्रम के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान बाल सहायता केंद्र के सुपरवाइजर निर्मल सिंह, केस वर्कर श्रीधर सैनी और लेबर इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने प्रतिष्ठान स्वामियों एवं कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है और इसके लिए दंड का प्रावधान भी है। टीम ने लोगों से अपील की कि किसी भी बच्चे को श्रम कार्य में न लगाएं।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय और खेल के मैदान हैं न कि कार्यस्थल। अभियान का उद्देश्य समाज में बालश्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना है। संयुक्त टीम ने भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर चलाने की बात कही ताकि बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके।
विज्ञापन
अभियान के दौरान बाल सहायता केंद्र के सुपरवाइजर निर्मल सिंह, केस वर्कर श्रीधर सैनी और लेबर इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने प्रतिष्ठान स्वामियों एवं कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है और इसके लिए दंड का प्रावधान भी है। टीम ने लोगों से अपील की कि किसी भी बच्चे को श्रम कार्य में न लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय और खेल के मैदान हैं न कि कार्यस्थल। अभियान का उद्देश्य समाज में बालश्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना है। संयुक्त टीम ने भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर चलाने की बात कही ताकि बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके।