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Roorkee News: तीन दिन बाद भी पैमाइश को नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों में रोष
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मोहम्मदपुर बुजुर्ग गांव में तीन दशक से अधिक समय से चल रही चकबंदी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। पिछले दिनों ग्राम प्रधान की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने के बाद गांव में नए सिरे से चकबंदी की प्रक्रिया आरंभ हुई थी लेकिन पैमाइश का कार्य महज एक ही दिन चल सका। इसके बाद बीते चार दिनों से यहां ग्रामीण विभागीय टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम प्रधान ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए प्रक्रिया को पूरा कराए जाने की मांग की है।
लक्सर तहसील के मोहम्मदपुर गांव के ग्राम प्रधान महिपाल सिंह धीमान ने बताया कि ग्राम सभा में करीब 32 वर्ष पहले चकबंदी की प्रक्रिया आरंभ हुई थी लेकिन तीन दशक का समय बीतने के बाद भी यहां चकबंदी नहीं हो सकी है। पूर्व में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान यहां बंजर भूमि, चारागाह सहित अन्य भूमि की पैमाइश सही से नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
उच्च न्यायालय के आदेश पर अब नाै जून से गांव में नए सिरे से चकबंदी शुरू हुई है। अधिकारियों ने एक दिन गांव में पहुंचकर पैमाइश शुरू की थी लेकिन इसके बाद बीते चार दिनों से कोई अधिकारी कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा है। ग्रामीण कुंवरपाल, देवपाल, सुरेंद्र, राकेश, राजकुमार, संदीप ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और पैमाइश नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी व शासन को पत्र भेजकर चकबंदी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराए जाने की मांग की है।
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लक्सर तहसील के मोहम्मदपुर गांव के ग्राम प्रधान महिपाल सिंह धीमान ने बताया कि ग्राम सभा में करीब 32 वर्ष पहले चकबंदी की प्रक्रिया आरंभ हुई थी लेकिन तीन दशक का समय बीतने के बाद भी यहां चकबंदी नहीं हो सकी है। पूर्व में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान यहां बंजर भूमि, चारागाह सहित अन्य भूमि की पैमाइश सही से नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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उच्च न्यायालय के आदेश पर अब नाै जून से गांव में नए सिरे से चकबंदी शुरू हुई है। अधिकारियों ने एक दिन गांव में पहुंचकर पैमाइश शुरू की थी लेकिन इसके बाद बीते चार दिनों से कोई अधिकारी कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा है। ग्रामीण कुंवरपाल, देवपाल, सुरेंद्र, राकेश, राजकुमार, संदीप ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और पैमाइश नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी व शासन को पत्र भेजकर चकबंदी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराए जाने की मांग की है।