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Roorkee News: खंजरपुर नाले की टूटी दीवार बनी खतरा, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
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खंजरपुर क्षेत्र में नाला सफाई कार्य के दौरान टूटी नाले की दीवार की अब तक मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं। करीब एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है जिससे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आठ जून को नाले की सफाई के दौरान नाले की एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार की मरम्मत कराने के बजाय उसे जेसीबी मशीन की मदद से कूड़े और मलबे के सहारे खड़ा कर दिया गया। ऐसे में दीवार कभी भी दोबारा गिर सकती है जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाले में गंदगी जमा हो रही है और पानी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है।
गर्मी और बरसात के मौसम में जमा गंदगी से मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है जिससे संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व करीब 80 लाख रुपये की लागत से 700 मीटर लंबे इस नाले का निर्माण कराया गया था। इतने बड़े खर्च के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव पर अब सवाल उठने लगे हैं। पार्षद प्रतिनिधि अजय प्रधान का कहना है कि उन्होंने ठेकेदार को सफाई और टूटी दीवार को ठीक करने के लिए कहा है।
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आठ जून को नाले की सफाई के दौरान नाले की एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार की मरम्मत कराने के बजाय उसे जेसीबी मशीन की मदद से कूड़े और मलबे के सहारे खड़ा कर दिया गया। ऐसे में दीवार कभी भी दोबारा गिर सकती है जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाले में गंदगी जमा हो रही है और पानी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है।
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गर्मी और बरसात के मौसम में जमा गंदगी से मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है जिससे संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व करीब 80 लाख रुपये की लागत से 700 मीटर लंबे इस नाले का निर्माण कराया गया था। इतने बड़े खर्च के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव पर अब सवाल उठने लगे हैं। पार्षद प्रतिनिधि अजय प्रधान का कहना है कि उन्होंने ठेकेदार को सफाई और टूटी दीवार को ठीक करने के लिए कहा है।