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Roorkee News: दावों की खुली पोल, स्वच्छ भारत मिशन को लगा पलीता
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Mon, 23 Mar 2026 08:06 PM IST
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- निजामपुर की नालियां गंदगी से अटी, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
मंगलौर। केंद्र और राज्य सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। रुड़की तहसील के निजामपुर गांव में स्वच्छता अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। गांव की नालियां गंदगी से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालियों में कूड़ा-करकट और कीचड़ जमा होने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। गंदा पानी लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें इसी दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार हर गांव को ओडीएफ प्लस बनाने का दावा करती है, वहीं निजामपुर की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। स्थानीय निवासी शिवकुमार, अनुज, अनिल कुमार, दिनेश, जितेंद्र सैनी और धर्मेंद्र ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप और जांच की मांग की है। जब इस बदहाली के संबंध में ग्राम प्रधान तारा देवी से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सरकार की ओर से सफाई व्यवस्था के लिए कोई विशेष बजट नहीं मिल रहा है, जिसके कारण गांव की सफाई करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
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मंगलौर। केंद्र और राज्य सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। रुड़की तहसील के निजामपुर गांव में स्वच्छता अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। गांव की नालियां गंदगी से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालियों में कूड़ा-करकट और कीचड़ जमा होने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। गंदा पानी लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें इसी दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार हर गांव को ओडीएफ प्लस बनाने का दावा करती है, वहीं निजामपुर की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। स्थानीय निवासी शिवकुमार, अनुज, अनिल कुमार, दिनेश, जितेंद्र सैनी और धर्मेंद्र ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप और जांच की मांग की है। जब इस बदहाली के संबंध में ग्राम प्रधान तारा देवी से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सरकार की ओर से सफाई व्यवस्था के लिए कोई विशेष बजट नहीं मिल रहा है, जिसके कारण गांव की सफाई करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
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