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Roorkee News: सतत जल प्रबंधन में उद्योगों की भूमिका पर दिया विशेष जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Mon, 23 Mar 2026 08:11 PM IST
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विश्व जल दिवस पर राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की में हुआ कार्यक्रम
रुड़की। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) रुड़की में विश्व जल दिवस का आयोजन जल के लिए उद्योग थीम के तहत किया गया। कार्यक्रम में सतत जल प्रबंधन में उद्योगों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने जल संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया। मुख्य अतिथि डॉ. अविनाश पोल ने सामुदायिक भागीदारी और जन-जागरूकता के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। वहीं आईआईटी रुड़की के डॉ. सुमित सेन ने जल विज्ञान में नवीन तकनीकों और हिमालयी क्षेत्रों में झरनों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। विशेष अतिथि डॉ. मालविका चौहान ने वेटलैंड्स और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा की। वर्षा सिंह ने जल और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों में मीडिया की भूमिका को अहम बताया।
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कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने जल संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया। मुख्य अतिथि डॉ. अविनाश पोल ने सामुदायिक भागीदारी और जन-जागरूकता के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। वहीं आईआईटी रुड़की के डॉ. सुमित सेन ने जल विज्ञान में नवीन तकनीकों और हिमालयी क्षेत्रों में झरनों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। विशेष अतिथि डॉ. मालविका चौहान ने वेटलैंड्स और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा की। वर्षा सिंह ने जल और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों में मीडिया की भूमिका को अहम बताया।
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