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Roorkee News: बूंदाबांदी ने फिर बढ़ाई किसानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 12 Apr 2026 06:52 PM IST
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अप्रैल में लगातार बदल रहा मौसम का मिजाज
लक्सर। अप्रैल में मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार की रात को एक बार फिर बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई। मौसम के मिजाज को देखते हुए किसान तेजी से गेहूं की कटाई कर फसल को सुरक्षित करने में लगे हैं। इस माह की शुरुआत से ही रह-रहकर हो रही बारिश व बूंदाबांदी और तेज हवाएं किसानों को परेशान कर रही हैं। जिन किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पक चुकी है या पकने की कगार पर है वह मौसम के इस बदलते मिजाज से अधिक चिंतित हैं। बारिश और तेज हवाओं से किसानों को फसल को नुकसान पहुंचने की चिंता सता रही है। शनिवार को दिन भर तेज धूप के बाद रात के समय अचानक बूंदाबांदी से किसान एक बार फिर चिंतिंत नजर आए। किसान राकेश कुमार, राहुल, विजयपाल गुर्जर, सोनू ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं से जमीन पर गिरी फसल में नमी बने रहने और दाने के काले पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसका असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ेगा। साथ ही कट चुकी फसल के भीग जाने से खराब होने का डर है। ऐसे में जिन किसानों की फसल पक कर तैयार हो चुकी है वह तेजी से स्वयं कटाई कर फसल को सुरक्षित कर रहे हैं।
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लक्सर। अप्रैल में मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार की रात को एक बार फिर बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई। मौसम के मिजाज को देखते हुए किसान तेजी से गेहूं की कटाई कर फसल को सुरक्षित करने में लगे हैं। इस माह की शुरुआत से ही रह-रहकर हो रही बारिश व बूंदाबांदी और तेज हवाएं किसानों को परेशान कर रही हैं। जिन किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पक चुकी है या पकने की कगार पर है वह मौसम के इस बदलते मिजाज से अधिक चिंतित हैं। बारिश और तेज हवाओं से किसानों को फसल को नुकसान पहुंचने की चिंता सता रही है। शनिवार को दिन भर तेज धूप के बाद रात के समय अचानक बूंदाबांदी से किसान एक बार फिर चिंतिंत नजर आए। किसान राकेश कुमार, राहुल, विजयपाल गुर्जर, सोनू ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं से जमीन पर गिरी फसल में नमी बने रहने और दाने के काले पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसका असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ेगा। साथ ही कट चुकी फसल के भीग जाने से खराब होने का डर है। ऐसे में जिन किसानों की फसल पक कर तैयार हो चुकी है वह तेजी से स्वयं कटाई कर फसल को सुरक्षित कर रहे हैं।