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Roorkee News: पहांसू गांव में जल गुणवत्ता जांच के लिए किया वैज्ञानिक सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 12 Apr 2026 07:23 PM IST
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एनआईएच रुड़की की टीम ने 12 स्थानों से लिए नमूने, शौचालय उपयोग के प्रभाव का होगा अध्ययन
रुड़की। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (एनआईएच) रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम की ओर से सहारनपुर जनपद के ग्राम पहांसू में शौचालय उपयोग का भूजल व सतही जल पर प्रभाव विषय पर विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान गांव के 12 अलग-अलग स्थानों जिनमें तालाब भी शामिल हैं, से पानी के नमूने एकत्र किए गए।
इन सभी नमूनों का परीक्षण एनआईएच की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाएगा जिससे पेयजल और अन्य जल स्रोतों में मौजूद संभावित प्रदूषक तत्वों और समस्याओं का पता लगाया जा सके। साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि शौचालय के बढ़ते उपयोग का जल गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह अभियान ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शुरू किया गया है क्योंकि हाल के समय में गांव में जल गुणवत्ता के लिए चिंता बढ़ी है। वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जल गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक सुझाव और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर एनआईएच से डॉ. राजेश सिंह, डॉ. विनय त्यागी, डॉ. कालजांग छोदेन और डॉ. शक्ति सूर्यवंशी मौजूद रहे। गांव की ओर से विपिन पंवार, अरुण पंवार सिंह, प्रवीण कुमार और प्रमोद कुमार ने सहयोग किया। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित पेयजल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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इन सभी नमूनों का परीक्षण एनआईएच की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाएगा जिससे पेयजल और अन्य जल स्रोतों में मौजूद संभावित प्रदूषक तत्वों और समस्याओं का पता लगाया जा सके। साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि शौचालय के बढ़ते उपयोग का जल गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह अभियान ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शुरू किया गया है क्योंकि हाल के समय में गांव में जल गुणवत्ता के लिए चिंता बढ़ी है। वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जल गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक सुझाव और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर एनआईएच से डॉ. राजेश सिंह, डॉ. विनय त्यागी, डॉ. कालजांग छोदेन और डॉ. शक्ति सूर्यवंशी मौजूद रहे। गांव की ओर से विपिन पंवार, अरुण पंवार सिंह, प्रवीण कुमार और प्रमोद कुमार ने सहयोग किया। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित पेयजल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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