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Roorkee News: गन्ना भुगतान से लेकर मुफ्त बिजली तक उठी किसानों की आवाज
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क्षेत्र में आयोजित किसान पंचायत में विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पंचायत में सबसे प्रमुख मुद्दा इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान रहा।
मरगूबपुर में आयोजित पंचायत में किसानों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द भुगतान कराने की मांग की। पंचायत में किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया और कहा कि इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
किसानों ने मांग की कि उनकी सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि इकबालपुर मिल पर किसानों को करीब 130 करोड़ रुपये बकाया है। तहसील में भ्रष्टाचार फैला है बिना लेनदेन के काम कराया मुश्किल है।
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पुलिस भी लोगों का मानसिक, शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न कर रही है। इसके अलावा विभाग की ओर से छापे के नाम पर किसानों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि जांच के नाम पर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है जिसे बंद किया जाना चाहिए। पंचायत में पुलिस प्रशासन से भी किसानों के खिलाफ झूठे केस दर्ज करने की कार्रवाई बंद करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर महकार सिंह, धमेंद्र सिंह, मोहम्मद आलम, आकिल हसन, अदनान, नवाज खान, सरदार जसवीर, राजपाल सिंह, सतबीर प्रधान और दुष्यंत आदि मौजूद रहे।
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मरगूबपुर में आयोजित पंचायत में किसानों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द भुगतान कराने की मांग की। पंचायत में किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया और कहा कि इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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किसानों ने मांग की कि उनकी सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि इकबालपुर मिल पर किसानों को करीब 130 करोड़ रुपये बकाया है। तहसील में भ्रष्टाचार फैला है बिना लेनदेन के काम कराया मुश्किल है।
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पुलिस भी लोगों का मानसिक, शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न कर रही है। इसके अलावा विभाग की ओर से छापे के नाम पर किसानों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि जांच के नाम पर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है जिसे बंद किया जाना चाहिए। पंचायत में पुलिस प्रशासन से भी किसानों के खिलाफ झूठे केस दर्ज करने की कार्रवाई बंद करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर महकार सिंह, धमेंद्र सिंह, मोहम्मद आलम, आकिल हसन, अदनान, नवाज खान, सरदार जसवीर, राजपाल सिंह, सतबीर प्रधान और दुष्यंत आदि मौजूद रहे।