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Roorkee News: बारिश से मकान ढहा, पानी में डूबीं सड़कें
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मंगलौर जिले में सोमवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। रुड़की, मंगलौर, खानपुर और भगवानपुर क्षेत्र में जलभराव, मकान ढहने और बाढ़ के खतरे जैसी समस्याएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं जबकि गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में चिंता का माहौल है।
रुड़की क्षेत्र में 84 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रामनगर से सलेमपुर जाने वाले मार्ग पर भारी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। कई निचले इलाकों में भी पानी भर गया। हालांकि पनियाला रोड पर कच्चे नाले की खोदाई के बाद बेहतर जल निकासी होने से वहां जलभराव की समस्या नहीं हुई। उधर, गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से खानपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खेतों के आसपास पानी बढ़ने से पशुओं के चारे का संकट भी उत्पन्न होने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
मंगलौर क्षेत्र के नारसन विकासखंड स्थित गाधारोणा गांव में लगातार बारिश के कारण शमीम नामक ग्रामीण का मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन घर में रखा अनाज, कपड़े, चारपाई और अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान इंदू भारती मौके पर पहुंचीं और जिला प्रशासन से राजस्व विभाग की ओर से नुकसान का आकलन कराकर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और मुआवजा देने की मांग की।
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गड्ढों और जलभराव से कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को खतरा
भगवानपुर। बारिश के कारण किसान बीज भंडार केंद्र के पास सड़क पर जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गागलहेड़ी अंडरपास से हरिद्वार अंडरपास तक की सर्विस रोड गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है लेकिन सड़क मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था अब तक दुरुस्त नहीं की गई है। ऐसे में खस्ताहाल सड़कें और जलभराव शिवभक्तों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों ने प्रशासन से जल निकासी, सड़क मरम्मत, राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की मांग की है।
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रुड़की क्षेत्र में 84 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रामनगर से सलेमपुर जाने वाले मार्ग पर भारी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। कई निचले इलाकों में भी पानी भर गया। हालांकि पनियाला रोड पर कच्चे नाले की खोदाई के बाद बेहतर जल निकासी होने से वहां जलभराव की समस्या नहीं हुई। उधर, गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से खानपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खेतों के आसपास पानी बढ़ने से पशुओं के चारे का संकट भी उत्पन्न होने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
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मंगलौर क्षेत्र के नारसन विकासखंड स्थित गाधारोणा गांव में लगातार बारिश के कारण शमीम नामक ग्रामीण का मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन घर में रखा अनाज, कपड़े, चारपाई और अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान इंदू भारती मौके पर पहुंचीं और जिला प्रशासन से राजस्व विभाग की ओर से नुकसान का आकलन कराकर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और मुआवजा देने की मांग की।
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गड्ढों और जलभराव से कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को खतरा
भगवानपुर। बारिश के कारण किसान बीज भंडार केंद्र के पास सड़क पर जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गागलहेड़ी अंडरपास से हरिद्वार अंडरपास तक की सर्विस रोड गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है लेकिन सड़क मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था अब तक दुरुस्त नहीं की गई है। ऐसे में खस्ताहाल सड़कें और जलभराव शिवभक्तों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों ने प्रशासन से जल निकासी, सड़क मरम्मत, राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की मांग की है।