{"_id":"69761fcdf678780b4e0c90ac","slug":"in-case-of-harassment-children-can-call-1098-roorkee-news-c-37-1-rrk1008-150002-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: उत्पीड़न पर बच्चे कर सकते हैं हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: उत्पीड़न पर बच्चे कर सकते हैं हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 25 Jan 2026 07:21 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
- कार्यक्रम में बाल अधिकार और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर की छात्रों को दी जानकारी
रुड़की। बाल अधिकारों और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर आदि संबंधित जरूरी जानकारी देने के लिए स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को बताया कि वह अपने अधिकारी का हनन होने पर हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के एम रहमान की ओर से भगवानपुर के खुब्बनपुर में सरकारी विद्यालय के छात्राओं को बालिका दिवस के बारे में अहम जानकारियां दी गई। छात्रों को बताया कि 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत की थी ताकि बालिकाओं के प्रति समाज के नजरिए में सकारात्मक बदलाव, उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, और समानता के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। आदित्य ने बताया कि बाल अधिकार वे मौलिक मानवाधिकार है जो 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को मिलने चाहिए, जिनमें जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, और विकास का अधिकार शामिल है।
Trending Videos
रुड़की। बाल अधिकारों और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर आदि संबंधित जरूरी जानकारी देने के लिए स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को बताया कि वह अपने अधिकारी का हनन होने पर हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के एम रहमान की ओर से भगवानपुर के खुब्बनपुर में सरकारी विद्यालय के छात्राओं को बालिका दिवस के बारे में अहम जानकारियां दी गई। छात्रों को बताया कि 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत की थी ताकि बालिकाओं के प्रति समाज के नजरिए में सकारात्मक बदलाव, उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, और समानता के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। आदित्य ने बताया कि बाल अधिकार वे मौलिक मानवाधिकार है जो 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को मिलने चाहिए, जिनमें जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, और विकास का अधिकार शामिल है।

कमेंट
कमेंट X