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Roorkee News: बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, खतरे में गेंहू और सरसों की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:22 PM IST
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किसानों ने फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की
नारसन। क्षेत्र में बदले मौसम के मिजाज ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। किसानों की खेत में कटी हुई सरसों की फसल खराब होने की आशंका बनने लगी है, इससे लाखों रुपये का नुकसान से किसानों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
तीन दिन पहले हुए बारिश के बाद से खेतों में हाल ही में सरसों की फसल की कटाई का काम पूरा हुआ है। कुछ किसानों का सरसों कटाई का काम अभी जारी है। किसान फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही छोड़ चुके थे ताकि अच्छी तरह सूखने के बाद उसकी थ्रेसिंग कराई जा सके और उपज को सुरक्षित घर या मंडी ले जाया जा सके। इस बीच बृहस्पतिवार को बारिश से फसल भीगने के कारण अब उसमें सड़न पैदा होने का डर किसानों को सता रहा है, जिससे न केवल गुणवत्ता खराब होगी, बल्कि फसल का उचित भाव मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। किसान हिमांशु, दीपक, मोहित, अनुज और अर्चित आदि का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार सरसों की अच्छी पैदावार से पिछले घाटे की भरपाई हो जाएगी, लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। खेत में पड़ी फसल गीली हो गई है। सूखने में समय लगेगा अगर तेज धूप नहीं निकली तो फसल में सड़न शुरू हो जाएगी। एक तरफ गेहूं की फसल गिरने से नुकसान और दूसरी तरफ कटी हुई सरसों के सड़ने का खतरा किसान को आर्थिक रूप से तोड़कर रख देगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल का निरीक्षण कर उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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नारसन। क्षेत्र में बदले मौसम के मिजाज ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। किसानों की खेत में कटी हुई सरसों की फसल खराब होने की आशंका बनने लगी है, इससे लाखों रुपये का नुकसान से किसानों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
तीन दिन पहले हुए बारिश के बाद से खेतों में हाल ही में सरसों की फसल की कटाई का काम पूरा हुआ है। कुछ किसानों का सरसों कटाई का काम अभी जारी है। किसान फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही छोड़ चुके थे ताकि अच्छी तरह सूखने के बाद उसकी थ्रेसिंग कराई जा सके और उपज को सुरक्षित घर या मंडी ले जाया जा सके। इस बीच बृहस्पतिवार को बारिश से फसल भीगने के कारण अब उसमें सड़न पैदा होने का डर किसानों को सता रहा है, जिससे न केवल गुणवत्ता खराब होगी, बल्कि फसल का उचित भाव मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। किसान हिमांशु, दीपक, मोहित, अनुज और अर्चित आदि का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार सरसों की अच्छी पैदावार से पिछले घाटे की भरपाई हो जाएगी, लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। खेत में पड़ी फसल गीली हो गई है। सूखने में समय लगेगा अगर तेज धूप नहीं निकली तो फसल में सड़न शुरू हो जाएगी। एक तरफ गेहूं की फसल गिरने से नुकसान और दूसरी तरफ कटी हुई सरसों के सड़ने का खतरा किसान को आर्थिक रूप से तोड़कर रख देगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल का निरीक्षण कर उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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