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Roorkee News: रुड़की रेलवे स्टेशन अंडरपास जलमग्न, 20 हजार लोग प्रभावित

Sun, 12 Jul 2026 12:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:36 AM IST
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Roorkee railway station underpass submerged; 20,000 people affected
रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे अंडरपास लगातार बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अंडरपास में कई फीट तक पानी भर जाने से आसपास के करीब 20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। हालात को देखते हुए पानी की निकासी के लिए प्रशासन ने अंडरपास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है जिससे लोगों को दूसरे वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
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यह अंडरपास नवंबर 2021 में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जल निकासी और पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई। बारिश होते ही अंडरपास में पानी भर जाता है जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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अंडरपास बंद होने से पाडली, झबरेड़ा, लाठरदेवा, पनियाला, तेलीवाला सहित आसपास के कई गांवों के लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा मंगलौर-देहरादून हाईवे की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और रेलवे से स्थायी जल निकासी व्यवस्था, पर्याप्त पंपिंग सिस्टम और पथ प्रकाश की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान इस समस्या से राहत मिल सके।
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हर बरसात में बंद करना पड़ रहा रस्ता
अंडरपास को तैयार हुए करीब पांच साल पूरे हो चुके हैं। हर साल मानसून या बेमौसम बारिश में अंडरपास के भीतर कई फीट पानी भर जाता है। निर्माण कार्य में बरती लापरवाही से बारिश होते ही अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाता है वर्तमान में भी अंडरपास का रास्ता टीन की दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है।


दूसरे अंडरपास का भी बुरा हाल
रुड़की रेलवे स्टेशन के पास पाडली फाटक है। अक्सर ट्रेन के गुजरने से 20 से अधिक बार फाटक बंद करना पड़ता था। इससे हर 30 मिनट के बाद यातायात प्रभावित होता था। बढ़ती समस्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने करीब 13-13 करोड़ के दो अंडर पास बनाए थे। एक अंडरपास हर साल बरसात में जलभराव से बंद हो जाता है। अब दूसरा अंडरपास भी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने पर तालाब बन रहा है। हालांकि दूसरा अंदर पास फिलहाल चालू है लेकिन एक अंडरपास पर बेहिसाब आवागमन होने से यातायात का दबाव बढ़ गया है।
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