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रुड़की : यात्रा सीजन पर सक्रिय हुआ रेलवे टिकट की कालाबाजारी का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Thu, 30 Apr 2026 06:37 PM IST
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- काफी समय से आरपीएफ की ओर से कार्रवाई न होने पर फिर से सक्रिय होने लगा गैंग
- 500 से लेकर 1000 तक जल्द टिकट उपलब्ध कराने का लालच देकर यात्री से वसूलते हैं मोटी रकम
मनव्वर हुसैन
रुड़की। यात्रा सीजन शुरू होते ही रेलवे टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। शहर और अन्य जगहों के कई इलाकों में संचालित ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों को जल्द कन्फर्म टिकट दिलाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल रही है। स्थानीय यात्रियों के अनुसार, यह सिंडिकेट काफी समय से निष्क्रिय है लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ओर से ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब दोबारा सक्रिय हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ ट्रैवल संचालक 500 से लेकर 1000 रुपये तक अतिरिक्त लेकर तत्काल टिकट उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। खासकर मुंबई, कोटा, अयोध्या, सूरत और लखनऊ आदि और अन्य प्रमुख रूटों के लिए यात्रियों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पहले भी रुड़की रेलवे स्टेशन के आसपास और कलियर, छुटमलपुर क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां ट्रैवल एजेंटों को टिकटों की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया। बावजूद इसके, इस अवैध धंधे पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। यात्री राजेश कुमार ने बताया की हमें तत्काल टिकट नहीं मिल रहा था एक एजेंट ने 800 रुपये अतिरिक्त लेकर टिकट देने की बात कही। वहीं, गौरी सिंह ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में दिक्कत होने पर एजेंट लोग इसका फायदा उठाते हैं और ज्यादा पैसे वसूलते हैं।
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टिकटों की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी व शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अपील है कि वे अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना आरपीएफ को दें। रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत टिकट दलाली करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। कभी भी किसी निजी एजेंट या अनजान व्यक्ति से ऊंचे दामों पर टिकट न खरीदें। हमेशा अपनी निजी आईआरसीटीसी आईडी का उपयोग करें।- कमलेश प्रसाद, आरपीएफ चौकी प्रभारी, रुड़की रेलवे स्टेशन
कैसे होती है कालाबाजारी?
दलाल अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके आम यात्री के टिकट बुक होने से पहले ही सेकंडों में टिकटें बुक कर लेते हैं और उन्हें तीन-चार गुना अधिक दाम पर बेचते हैं। दलाल ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं जो आईआरसीटीसी की वेबसाइट के कैप्चा और ओटीपी को बायपास कर देते हैं, जिससे वे सामान्य से तेज टिकट बुक करते हैं। कई मामलों में, दलाल लोगों की व्यक्तिगत आईडी का उपयोग करके टिकट बुक कर लेते हैं। अक्सर दलाल कई फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते हैं।
टिकट ब्लैक के केस पर नजर
वर्ष - पकड़े गए आरोपियों की संख्या
2023-6
2024-8
2025-1
2026-0
नोट:यह आंकड़े रुड़की रेलवे स्टेशन चौकी के रिकॉर्ड से लिए हैं।
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रुड़की। यात्रा सीजन शुरू होते ही रेलवे टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। शहर और अन्य जगहों के कई इलाकों में संचालित ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों को जल्द कन्फर्म टिकट दिलाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल रही है। स्थानीय यात्रियों के अनुसार, यह सिंडिकेट काफी समय से निष्क्रिय है लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ओर से ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब दोबारा सक्रिय हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ ट्रैवल संचालक 500 से लेकर 1000 रुपये तक अतिरिक्त लेकर तत्काल टिकट उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। खासकर मुंबई, कोटा, अयोध्या, सूरत और लखनऊ आदि और अन्य प्रमुख रूटों के लिए यात्रियों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पहले भी रुड़की रेलवे स्टेशन के आसपास और कलियर, छुटमलपुर क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां ट्रैवल एजेंटों को टिकटों की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया। बावजूद इसके, इस अवैध धंधे पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। यात्री राजेश कुमार ने बताया की हमें तत्काल टिकट नहीं मिल रहा था एक एजेंट ने 800 रुपये अतिरिक्त लेकर टिकट देने की बात कही। वहीं, गौरी सिंह ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में दिक्कत होने पर एजेंट लोग इसका फायदा उठाते हैं और ज्यादा पैसे वसूलते हैं।
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टिकटों की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी व शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अपील है कि वे अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना आरपीएफ को दें। रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत टिकट दलाली करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। कभी भी किसी निजी एजेंट या अनजान व्यक्ति से ऊंचे दामों पर टिकट न खरीदें। हमेशा अपनी निजी आईआरसीटीसी आईडी का उपयोग करें।- कमलेश प्रसाद, आरपीएफ चौकी प्रभारी, रुड़की रेलवे स्टेशन
कैसे होती है कालाबाजारी?
दलाल अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके आम यात्री के टिकट बुक होने से पहले ही सेकंडों में टिकटें बुक कर लेते हैं और उन्हें तीन-चार गुना अधिक दाम पर बेचते हैं। दलाल ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं जो आईआरसीटीसी की वेबसाइट के कैप्चा और ओटीपी को बायपास कर देते हैं, जिससे वे सामान्य से तेज टिकट बुक करते हैं। कई मामलों में, दलाल लोगों की व्यक्तिगत आईडी का उपयोग करके टिकट बुक कर लेते हैं। अक्सर दलाल कई फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते हैं।
टिकट ब्लैक के केस पर नजर
वर्ष - पकड़े गए आरोपियों की संख्या
2023-6
2024-8
2025-1
2026-0
नोट:यह आंकड़े रुड़की रेलवे स्टेशन चौकी के रिकॉर्ड से लिए हैं।
