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Roorkee News: 13 मार्च को समाप्त हो जाएगा मिल का पेराई सत्र, नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 08 Mar 2026 05:37 PM IST
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13 मार्च को समाप्त हो जाएगा मिल का पेराई सत्र, नोटिस जारी
गन्ने की कमी से मिल में रोजाना बन रही नो केन की स्थिति
लक्सर। अतिवृष्टि और जलभराव से गन्ने की फसल प्रभावित होने से इस बार चीनी मिलों को गन्ने की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। लिब्बरहेड़ी चीनी मिल के बाद अब लक्सर मिल ने भी पेराई सत्र समाप्त करने के लिए पहला नोटिस जारी कर दिया है। मिल प्रबंधन ने 13 मार्च से पेराई सत्र समाप्त करने की घोषणा की है। लक्सर शुगर मिल का पेराई सत्र सात नवंबर से शुरू हुआ था लेकिन पूरे सत्र के दौरान मिल को क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं मिल सका। मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को समयबद्ध भुगतान किया गया फिर भी पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाई। पिछले सत्र में मिल में अप्रैल के पहले पखवाड़े तक पेराई चली थी जबकि इस बार मार्च में ही सत्र समाप्त होने जा रहा है।
मिल के यूनिट हेड एसपी सिंह ने बताया कि मिल में कई बार नो केन की स्थिति बन रही है जिससे 10 से 12 घंटे तक मिल बंद करनी पड़ रही है। क्षेत्र में अधिकांश गन्ने की पेराई हो चुकी है, इसलिए गन्ना समितियों को पेराई सत्र समाप्ति का प्रथम नोटिस जारी किया गया है और किसानों से 13 मार्च तक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की गई है। सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव सूरजभान सिंह ने बताया कि मिल की ओर से प्रथम नोटिस प्राप्त हुआ है और किसानों से 13 मार्च तक अपना गन्ना मिल में पहुंचाने को कहा गया है।
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बीते साल हुई थी 1.49 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई
लक्सर। पेराई सत्र 2025 - 26 के दौरान लक्सर शुगर मिल ने 1.49 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार भी डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आपदा की मार के चलते इस बार मिल एक महीने पहले ही बंद हो रही है। मिल ने अभी तक 1.07 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की है। गन्ना आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए अगले पांच दिनों में यह आंकड़ा बहुत अधिक बढ़ने की उम्मीद कम है।
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लक्सर। अतिवृष्टि और जलभराव से गन्ने की फसल प्रभावित होने से इस बार चीनी मिलों को गन्ने की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। लिब्बरहेड़ी चीनी मिल के बाद अब लक्सर मिल ने भी पेराई सत्र समाप्त करने के लिए पहला नोटिस जारी कर दिया है। मिल प्रबंधन ने 13 मार्च से पेराई सत्र समाप्त करने की घोषणा की है। लक्सर शुगर मिल का पेराई सत्र सात नवंबर से शुरू हुआ था लेकिन पूरे सत्र के दौरान मिल को क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं मिल सका। मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को समयबद्ध भुगतान किया गया फिर भी पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाई। पिछले सत्र में मिल में अप्रैल के पहले पखवाड़े तक पेराई चली थी जबकि इस बार मार्च में ही सत्र समाप्त होने जा रहा है।
मिल के यूनिट हेड एसपी सिंह ने बताया कि मिल में कई बार नो केन की स्थिति बन रही है जिससे 10 से 12 घंटे तक मिल बंद करनी पड़ रही है। क्षेत्र में अधिकांश गन्ने की पेराई हो चुकी है, इसलिए गन्ना समितियों को पेराई सत्र समाप्ति का प्रथम नोटिस जारी किया गया है और किसानों से 13 मार्च तक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की गई है। सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव सूरजभान सिंह ने बताया कि मिल की ओर से प्रथम नोटिस प्राप्त हुआ है और किसानों से 13 मार्च तक अपना गन्ना मिल में पहुंचाने को कहा गया है।
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बीते साल हुई थी 1.49 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई
लक्सर। पेराई सत्र 2025 - 26 के दौरान लक्सर शुगर मिल ने 1.49 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार भी डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आपदा की मार के चलते इस बार मिल एक महीने पहले ही बंद हो रही है। मिल ने अभी तक 1.07 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की है। गन्ना आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए अगले पांच दिनों में यह आंकड़ा बहुत अधिक बढ़ने की उम्मीद कम है।