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Roorkee News: गोवंश संरक्षण अधिनियम के मामले में महिला की जमानत अर्जी खारिज
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प्रभारी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रुड़की की अदालत ने उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में आरोपी महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के खेल्ड़ी गांव निवासी वसीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी की ओर से प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र प्रभारी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्रा की अदालत में प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी महिला निर्दोष है और उसे गांव की गुटबाजी के कारण झूठा फंसाया गया है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही उससे किसी प्रकार की बरामदगी हुई है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि कथित बरामदगी का स्थान सार्वजनिक है और मामले में किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। बचाव पक्ष ने महिला की उम्र और बीमारी का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की।
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वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में गंभीर आरोप हैं और पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत के समक्ष प्रस्तुत केस डायरी और अन्य अभिलेखों के अनुसार 29 मई 2026 को खेल्ड़ी गांव स्थित एक मकान में पशु कटान किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। मौके से लगभग 250 किलोग्राम गोमांस, दो छूरियां, लोहे की कुल्हाड़ी, खून और मांस लगे उपकरण, रस्सी, इलेक्ट्रॉनिक तराजू व अन्य सामान बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी भी घटनास्थल से की गई थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद प्रभारी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के खेल्ड़ी गांव निवासी वसीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी की ओर से प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र प्रभारी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्रा की अदालत में प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी महिला निर्दोष है और उसे गांव की गुटबाजी के कारण झूठा फंसाया गया है।
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प्रार्थना पत्र में कहा गया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही उससे किसी प्रकार की बरामदगी हुई है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि कथित बरामदगी का स्थान सार्वजनिक है और मामले में किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। बचाव पक्ष ने महिला की उम्र और बीमारी का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की।
वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में गंभीर आरोप हैं और पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत के समक्ष प्रस्तुत केस डायरी और अन्य अभिलेखों के अनुसार 29 मई 2026 को खेल्ड़ी गांव स्थित एक मकान में पशु कटान किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। मौके से लगभग 250 किलोग्राम गोमांस, दो छूरियां, लोहे की कुल्हाड़ी, खून और मांस लगे उपकरण, रस्सी, इलेक्ट्रॉनिक तराजू व अन्य सामान बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी भी घटनास्थल से की गई थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद प्रभारी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।