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Rudraprayag News: खांकरा और सिरोहबगड़ में आया मलबा, दो घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
Sat, 11 Jul 2026 05:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 11 Jul 2026 05:59 PM IST
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पैदल मार्ग पर डेंजर जोन में बढ़ाई गई निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शनिवार को बारिश के कारण खांकरा और सिरोहबगड़ के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से बदरीनाथ हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल कर दिया।
दूसरी ओर बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। डेंजर जोन में वाईएमएफ, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा मित्र और सेक्टर अधिकारियों की टीमें तैनात हैं। ये टीमें यात्रियों को जोखिम वाले हिस्सों से सुरक्षित आवाजाही करा रही हैं। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी भूस्खलन या अन्य आपदा की आशंका है वहां तत्काल राहत एवं बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से मौसम और प्रशासन की लगातार अनाउंसमेंट का पालन करते हुए ही यात्रा करने की अपील की।
लिनचोली के पास केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त, कुछ देर रोकी यात्रा
केदारनाथ/फाटा। शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग का एक हिस्सा लिनचोली के निकट क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में कुछ देर के लिए यात्रा रोक दी गई। सूचना मिलते ही लोनिवि गुप्तकाशी की टीम मौके पर पहुंची। विभागीय श्रमिकों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को पत्थरों से भरा और आवाजाही सुचारु कर दी। श्रमिक मार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। अधिशासी अभियंता सुनील सिंह रावत ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण किलोमीटर पैदल मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। श्रमिकों को मार्ग के मरम्मत कार्य में लगाया गया है। बरसात समाप्त होने के बाद इस स्थान पर स्थायी सुरक्षा कार्य कराया जाएगा। अभी केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। संवाद
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समय पर जेसीबी नहीं पहुंची तो सवारियों ने हटाए पत्थर
चोपता। बारिश के कारण दशज्यूला क्षेत्र को जोड़ने वाला कोटखाल-जगतोली मार्ग पर शनिवार को करीब चार घंटे तक आवाजाही ठप रही। मार्ग पर जगह-जगह बोल्डर गिरने से वाहनों के पहिये थम गए। समय पर जेसीबी नहीं पहुंची तो परेशान वाहन चालकों और यात्रियों ने खुद ही पत्थरों को हटाया और आवागमन शुरू करवाया। स्थानीय दिगंबर राणा, देवेंद्र नेगी, अमित नेगी, विपिन कांडपाल, सुभाष आदि ने विभाग की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पिछले दो वर्षों में छह किलोमीटर सड़क का सुधारीकरण कार्य भी पूरा नहीं कर पाया है। बरसात में आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कि बरसात में संवेदनशील क्षेत्र में एक जेसीबी स्थायी रूप से तैनात रखने की मांग की। वहीं लोनिवि के सहायक अभियंता ने बताया कि एक जेसीबी मौके पर भेजी गई है। संवाद
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पैदल मार्ग पर डेंजर जोन में बढ़ाई गई निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शनिवार को बारिश के कारण खांकरा और सिरोहबगड़ के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से बदरीनाथ हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल कर दिया।
दूसरी ओर बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। डेंजर जोन में वाईएमएफ, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा मित्र और सेक्टर अधिकारियों की टीमें तैनात हैं। ये टीमें यात्रियों को जोखिम वाले हिस्सों से सुरक्षित आवाजाही करा रही हैं। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी भूस्खलन या अन्य आपदा की आशंका है वहां तत्काल राहत एवं बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से मौसम और प्रशासन की लगातार अनाउंसमेंट का पालन करते हुए ही यात्रा करने की अपील की।
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लिनचोली के पास केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त, कुछ देर रोकी यात्रा
केदारनाथ/फाटा। शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग का एक हिस्सा लिनचोली के निकट क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में कुछ देर के लिए यात्रा रोक दी गई। सूचना मिलते ही लोनिवि गुप्तकाशी की टीम मौके पर पहुंची। विभागीय श्रमिकों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को पत्थरों से भरा और आवाजाही सुचारु कर दी। श्रमिक मार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। अधिशासी अभियंता सुनील सिंह रावत ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण किलोमीटर पैदल मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। श्रमिकों को मार्ग के मरम्मत कार्य में लगाया गया है। बरसात समाप्त होने के बाद इस स्थान पर स्थायी सुरक्षा कार्य कराया जाएगा। अभी केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। संवाद
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समय पर जेसीबी नहीं पहुंची तो सवारियों ने हटाए पत्थर
चोपता। बारिश के कारण दशज्यूला क्षेत्र को जोड़ने वाला कोटखाल-जगतोली मार्ग पर शनिवार को करीब चार घंटे तक आवाजाही ठप रही। मार्ग पर जगह-जगह बोल्डर गिरने से वाहनों के पहिये थम गए। समय पर जेसीबी नहीं पहुंची तो परेशान वाहन चालकों और यात्रियों ने खुद ही पत्थरों को हटाया और आवागमन शुरू करवाया। स्थानीय दिगंबर राणा, देवेंद्र नेगी, अमित नेगी, विपिन कांडपाल, सुभाष आदि ने विभाग की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पिछले दो वर्षों में छह किलोमीटर सड़क का सुधारीकरण कार्य भी पूरा नहीं कर पाया है। बरसात में आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कि बरसात में संवेदनशील क्षेत्र में एक जेसीबी स्थायी रूप से तैनात रखने की मांग की। वहीं लोनिवि के सहायक अभियंता ने बताया कि एक जेसीबी मौके पर भेजी गई है। संवाद