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Rudraprayag News: केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन का खतरा, घोड़ा-खच्चर संचालन अब भी बंद
Sat, 18 Jul 2026 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:16 PM IST
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शनिवार को तीर्थयात्री एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संकरे मार्ग से आवाजाही करते रहे
केदारनाथ/ फाटा। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के निकट पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण घोड़ा-खच्चर चालकों के लिए शुक्रवार सुबह छह बजे से मार्ग बंद रहा। हालांकि लोनिवि के श्रमिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे ही मार्ग पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया गया था। शनिवार को तीर्थयात्री जोखिम के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संकरे मार्ग से आवाजाही कर रहे है। वहीं, मार्ग बाधित होने के कारण शुक्रवार से केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े-खच्चरों का संचालन पूरी तरह बंद है। हालांकि चीरबासा से आगे विभिन्न स्थानों पर रुके घोड़ा-खच्चर संचालक पैदल यात्रियों को केदारनाथ धाम तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर और मलबा गिर रहा है। इसके बावजूद विभाग के श्रमिक मार्ग को सुचारु करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर मार्ग अभी भी संकरा है। उन्होंने बताया श्रमिक मार्ग को चौड़ा और सुरक्षित बनाने का कार्य कर रहे हैं जिससे घोड़े-खच्चरों का संचालन भी दोबारा शुरू कराया जा सके।
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केदारनाथ/ फाटा। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के निकट पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण घोड़ा-खच्चर चालकों के लिए शुक्रवार सुबह छह बजे से मार्ग बंद रहा। हालांकि लोनिवि के श्रमिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे ही मार्ग पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया गया था। शनिवार को तीर्थयात्री जोखिम के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संकरे मार्ग से आवाजाही कर रहे है। वहीं, मार्ग बाधित होने के कारण शुक्रवार से केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े-खच्चरों का संचालन पूरी तरह बंद है। हालांकि चीरबासा से आगे विभिन्न स्थानों पर रुके घोड़ा-खच्चर संचालक पैदल यात्रियों को केदारनाथ धाम तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर और मलबा गिर रहा है। इसके बावजूद विभाग के श्रमिक मार्ग को सुचारु करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर मार्ग अभी भी संकरा है। उन्होंने बताया श्रमिक मार्ग को चौड़ा और सुरक्षित बनाने का कार्य कर रहे हैं जिससे घोड़े-खच्चरों का संचालन भी दोबारा शुरू कराया जा सके।