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Rudraprayag News: मानसून की पहली बारिश में ही व्यवस्था ध्वस्त, जलभराव से जूझे लोग
Wed, 01 Jul 2026 05:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:46 PM IST
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पुराना बस अड्डा समेत कई इलाकों में भरा पानी, दुकानों का सामान खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। मानसून की पहली बारिश ने ही शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बुधवार को करीब एक घंटे हुई बारिश के बाद पुराना बस अड्डा, मुख्य बाजार, पुराना विकास भवन, मकड़ी बाजार, बेलनी पुल और डाट पुल क्षेत्र में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। वहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
पुराना बस अड्डा स्थित व्यापारी बलम सिंह रावत के प्रतिष्ठान में भी बारिश का पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से हर बरसात में यही स्थिति बन रही है। शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दौरान बोहरा नर्सिंग होम के समीप, बेलनी पुल और अन्य निचले इलाकों में भी जलभराव रहा। तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि में भी कई स्थानों पर लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ा। प्रदीप चौधरी, ताजबर चौहान, मनमोहन शुक्ला और प्रकाश बिष्ट ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। बरसाती पानी की समुचित निकासी नहीं होने से हर वर्ष बाजार में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने एनएच और नगर पालिका से मानसून के दौरान जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
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500 मीटर तूना-बौंठा मार्ग नाले में हुआ तब्दील
धनराशि स्वीकृत, टेंडर भी हुआ लेकिन शुरू नहीं हुआ काम
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। बुधवार को हुई बारिश के बाद डांगशेर से हितडांग तक करीब 500 मीटर सड़क नाले में तब्दील हो गई। सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया चालक फिसलकर गिर भी गए।
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धनपुर पट्टी के कई गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के सुधारीकरण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। हाल ही में इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन बरसात शुरू होने से पहले निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इतना ही नहीं मार्ग पर अस्थायी सुरक्षा कार्य भी नहीं किए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में सड़क की यही स्थिति हो जाती है। सड़क की बदहाली का असर ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों पर भी पड़ रहा है। राय सिंह बिष्ट, विजय मिश्रवाण, सतीश नौटियाल, गणेश सेमवाल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद सेमवाल, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान नरेंद्र बिष्ट, दुर्गा प्रसाद नौटियाल और विजय सेमवाल ने विभाग से तत्काल सड़क पर मलबा हटाने और स्वीकृत कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की।
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पुराना बस अड्डा समेत कई इलाकों में भरा पानी, दुकानों का सामान खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। मानसून की पहली बारिश ने ही शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बुधवार को करीब एक घंटे हुई बारिश के बाद पुराना बस अड्डा, मुख्य बाजार, पुराना विकास भवन, मकड़ी बाजार, बेलनी पुल और डाट पुल क्षेत्र में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। वहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
पुराना बस अड्डा स्थित व्यापारी बलम सिंह रावत के प्रतिष्ठान में भी बारिश का पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से हर बरसात में यही स्थिति बन रही है। शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दौरान बोहरा नर्सिंग होम के समीप, बेलनी पुल और अन्य निचले इलाकों में भी जलभराव रहा। तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि में भी कई स्थानों पर लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ा। प्रदीप चौधरी, ताजबर चौहान, मनमोहन शुक्ला और प्रकाश बिष्ट ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। बरसाती पानी की समुचित निकासी नहीं होने से हर वर्ष बाजार में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने एनएच और नगर पालिका से मानसून के दौरान जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
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500 मीटर तूना-बौंठा मार्ग नाले में हुआ तब्दील
धनराशि स्वीकृत, टेंडर भी हुआ लेकिन शुरू नहीं हुआ काम
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। बुधवार को हुई बारिश के बाद डांगशेर से हितडांग तक करीब 500 मीटर सड़क नाले में तब्दील हो गई। सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया चालक फिसलकर गिर भी गए।
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धनपुर पट्टी के कई गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के सुधारीकरण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। हाल ही में इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन बरसात शुरू होने से पहले निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इतना ही नहीं मार्ग पर अस्थायी सुरक्षा कार्य भी नहीं किए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में सड़क की यही स्थिति हो जाती है। सड़क की बदहाली का असर ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों पर भी पड़ रहा है। राय सिंह बिष्ट, विजय मिश्रवाण, सतीश नौटियाल, गणेश सेमवाल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद सेमवाल, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान नरेंद्र बिष्ट, दुर्गा प्रसाद नौटियाल और विजय सेमवाल ने विभाग से तत्काल सड़क पर मलबा हटाने और स्वीकृत कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की।