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Rudraprayag News: अवसर पहचानकर करें व्यवसाय की शुरुआत
Wed, 01 Jul 2026 05:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:12 PM IST
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महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में उद्यमिता विकास पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
अगस्त्यमुनि। देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता विकास कार्यशाला की शुरुआत बुधवार से महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में हुई। कार्यशाला में आठ महाविद्यालयों के 46 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. रजत शर्मा ने कहा कि सफल उद्यम की शुरुआत सकारात्मक सोच और बाजार की सही समझ से होती है। उन्होंने छात्रों को बाजार की मांग, अवसरों की पहचान और उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप व्यवसाय विकसित करने की जानकारी दी।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अखिलेश्वर कुमार द्विवेदी ने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन उत्तराखंड के युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा अवसर है। यदि युवा स्थानीय उत्पादों, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और डिजिटल माध्यमों से जुड़े उद्यम अपनाएं तो वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं। कार्यशाला में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर लॉ कॉलेज, नागनाथ पोखरी, नंदासैंण, देवप्रयाग, जखोली और गुप्तकाशी महाविद्यालयों के 46 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुधीर पेटवाल, उद्यमिता नोडल अधिकारी डॉ. सुखपाल सिंह रौतेला, प्रशासनिक अधिकारी महावीर सिंह रावत, चमोली प्रोजेक्ट अधिकारी विनोद नेगी, टिहरी प्रोजेक्ट अधिकारी दिग्विजय सिंह सहित शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में उद्यमिता विकास पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
अगस्त्यमुनि। देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता विकास कार्यशाला की शुरुआत बुधवार से महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में हुई। कार्यशाला में आठ महाविद्यालयों के 46 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. रजत शर्मा ने कहा कि सफल उद्यम की शुरुआत सकारात्मक सोच और बाजार की सही समझ से होती है। उन्होंने छात्रों को बाजार की मांग, अवसरों की पहचान और उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप व्यवसाय विकसित करने की जानकारी दी।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अखिलेश्वर कुमार द्विवेदी ने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन उत्तराखंड के युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा अवसर है। यदि युवा स्थानीय उत्पादों, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और डिजिटल माध्यमों से जुड़े उद्यम अपनाएं तो वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं। कार्यशाला में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर लॉ कॉलेज, नागनाथ पोखरी, नंदासैंण, देवप्रयाग, जखोली और गुप्तकाशी महाविद्यालयों के 46 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुधीर पेटवाल, उद्यमिता नोडल अधिकारी डॉ. सुखपाल सिंह रौतेला, प्रशासनिक अधिकारी महावीर सिंह रावत, चमोली प्रोजेक्ट अधिकारी विनोद नेगी, टिहरी प्रोजेक्ट अधिकारी दिग्विजय सिंह सहित शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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