{"_id":"6a2d473bbc0fd9cd410984c7","slug":"ayurveda-and-unani-doctors-boycott-opd-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-119498-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सकों ने किया ओपीडी बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सकों ने किया ओपीडी बहिष्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 05:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सकों ने किया ओपीडी बहिष्कार
नई टिहरी। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े चिकित्साधिकारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में शनिवार से ओपीडी का बहिष्कार शुरू कर दिया। संघ के पदाधिकारियों ने जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी के माध्यम से निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। साथ ही 15 जून से प्रदेशभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू करने की चेतावनी दी।
ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग में वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए शासन और विभागीय स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है जिससे चिकित्साधिकारियों में रोष व्याप्त है। चिकित्सा संवर्ग के लिए स्थायी निदेशक की नियुक्ति करने, लंबित वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां पूर्ण कर आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना और संशोधित आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना का लाभ देने, वर्ष 2022 में स्वीकृत गतिशील आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना लागू करने, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन कर पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तीन वर्ष का पूर्ण वेतन सहित अध्ययन अवकाश उपलब्ध कराने की मांग की गई। वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों के स्थायीकरण और मोबाइल अनुप्रयोग आधारित उपस्थिति व आधार आधारित बायोमीट्रिक व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान की भी मांग की गई है। कहा गया है कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क व इंटरनेट की समस्या के कारण यह व्यवस्था चिकित्सकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इस मौके पर डॉ.सत्यवीर सिंह, डाॅ. सिद्धि, डाॅ. केपी सिंह आदि मौजूद रहे।
नई टिहरी। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े चिकित्साधिकारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में शनिवार से ओपीडी का बहिष्कार शुरू कर दिया। संघ के पदाधिकारियों ने जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी के माध्यम से निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। साथ ही 15 जून से प्रदेशभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू करने की चेतावनी दी।
ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग में वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए शासन और विभागीय स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है जिससे चिकित्साधिकारियों में रोष व्याप्त है। चिकित्सा संवर्ग के लिए स्थायी निदेशक की नियुक्ति करने, लंबित वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां पूर्ण कर आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना और संशोधित आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना का लाभ देने, वर्ष 2022 में स्वीकृत गतिशील आश्वसित कॅरिअर प्रगति योजना लागू करने, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन कर पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए तीन वर्ष का पूर्ण वेतन सहित अध्ययन अवकाश उपलब्ध कराने की मांग की गई। वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों के स्थायीकरण और मोबाइल अनुप्रयोग आधारित उपस्थिति व आधार आधारित बायोमीट्रिक व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान की भी मांग की गई है। कहा गया है कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क व इंटरनेट की समस्या के कारण यह व्यवस्था चिकित्सकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इस मौके पर डॉ.सत्यवीर सिंह, डाॅ. सिद्धि, डाॅ. केपी सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन