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Tehri News: खैट पर्वत पर चौथे दिन भी भूख हड़ताल जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:35 PM IST
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बांध प्रभावित बोले मांगों पर सरकार कब लेगी सुध
नई टिहरी। टिहरी बांध प्रभावितों की लंबित मांगों को लेकर खैट पर्वत पर चल रही भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी टिहरी बांध की रॉयल्टी का लाभ बांध प्रभावित क्षेत्रों को देने, प्रभावित परिवारों को निशुल्क बिजली-पानी उपलब्ध कराने और अन्य मांगों के समर्थन में अनशन पर डटे रहे। चार दिन बीत जाने के बाद भी वार्ता के लिए किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई। संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि टिहरी बांध परियोजना के लिए सबसे अधिक त्याग प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने किया है, लेकिन उन्हें अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। वर्षों से विभिन्न मंचों पर मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। मोर्चा के अध्यक्ष सागर भंडारी ने कहा कि हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप बांध प्रभावितों को सुविधाएं और अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से होने वाले लाभ में प्रभावित क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। चौथे दिन भूख हड़ताल पर सागर भंडारी, गोपीनाथ सिंह रावत, देवांक चमोली, अजय पंवार डटे रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
नई टिहरी। टिहरी बांध प्रभावितों की लंबित मांगों को लेकर खैट पर्वत पर चल रही भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी टिहरी बांध की रॉयल्टी का लाभ बांध प्रभावित क्षेत्रों को देने, प्रभावित परिवारों को निशुल्क बिजली-पानी उपलब्ध कराने और अन्य मांगों के समर्थन में अनशन पर डटे रहे। चार दिन बीत जाने के बाद भी वार्ता के लिए किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई। संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि टिहरी बांध परियोजना के लिए सबसे अधिक त्याग प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने किया है, लेकिन उन्हें अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। वर्षों से विभिन्न मंचों पर मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। मोर्चा के अध्यक्ष सागर भंडारी ने कहा कि हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप बांध प्रभावितों को सुविधाएं और अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से होने वाले लाभ में प्रभावित क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। चौथे दिन भूख हड़ताल पर सागर भंडारी, गोपीनाथ सिंह रावत, देवांक चमोली, अजय पंवार डटे रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।