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Tehri News: मातृ भाषाएं और लोक भाषाओं के प्रयोग से ही बचेगा इनका अस्तित्व
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 21 Feb 2026 07:36 PM IST
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के पर राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से स्थानीय भाषा प्रकोष्ठ के बैनर तले स्थानीय बोली-भाषा पर परिचर्चा की गई। चर्चा में उपस्थित लोगों ने अपनी-अपनी स्थानीय भाषा में प्रचलित शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रणिता नंद ने कहा कि मातृ भाषाएं और लोक भाषाएं हमारी दैनिक दिनचर्या में जब प्रयोग होगी तब ही उस भाषा का अस्तित्व बचा रहेगा। अपनी दिनचर्या से हम अपनी मातृ भाषा को हटा देंगे तो वह विलुप्त हो जाएगी। स्थानीय भाषा प्रकोष्ठ के संयोजक और हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र नौटियाल ने परिचर्चा की। इस मौके पर डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. मनोज फोंंदणी, डॉ. विजय प्रकाश भट्ट, डॉ. बी पीपोखरियाल, अजय पुंडीर, आदित्य सिंह, छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल, प्रीति आदि मौजूद थे। संवाद
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गोष्ठी में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रणिता नंद ने कहा कि मातृ भाषाएं और लोक भाषाएं हमारी दैनिक दिनचर्या में जब प्रयोग होगी तब ही उस भाषा का अस्तित्व बचा रहेगा। अपनी दिनचर्या से हम अपनी मातृ भाषा को हटा देंगे तो वह विलुप्त हो जाएगी। स्थानीय भाषा प्रकोष्ठ के संयोजक और हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र नौटियाल ने परिचर्चा की। इस मौके पर डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. मनोज फोंंदणी, डॉ. विजय प्रकाश भट्ट, डॉ. बी पीपोखरियाल, अजय पुंडीर, आदित्य सिंह, छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल, प्रीति आदि मौजूद थे। संवाद
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