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Udham Singh Nagar News: काशीपुर अस्पताल से 100 ऑक्सीजन सिलिंडर लापता, प्रशासन मौन
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:41 AM IST
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काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय से पिछले चार वर्षों के भीतर करीब 100 ऑक्सीजन सिलिंडर रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं। हैरानी की बात ये है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलिंडर कम होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब अस्पताल में सिर्फ 40 से 50 सिलिंडर ही शेष बताए जा रहे हैं।
अस्पताल के रिकॉर्ड और सूत्रों के अनुसार चार साल पहले कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सालय में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 150 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध थे। उस संकट की घड़ी में कई सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं ने भी सिलिंडर अस्पताल को भेंट किए थे लेकिन महामारी कम होते ही सिलिंडर धीरे-धीरे कम होने लगे। आज स्थिति ये है कि इनका सही से हिसाब-किताब स्वास्थ्य महकमे के पास नहीं है।
नशेड़ियों का जमावड़ा और सुरक्षा में चूक
अस्पताल के सूत्रों का दावा है कि परिसर में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है जो मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पूर्व में भी कई बार चोरियां हो चुकी हैं जिनमें न केवल सिलिंडर बल्कि कीमती ऑक्सीजन पाइप लाइन तक काटकर चोरी कर ली गई थी। शेष बचे कुछ सिलिंडर फिलहाल पुराने टीकाकरण विभाग के बंद कमरों में धूल फांक रहे हैं।
प्लांट भरोसे व्यवस्था, पर जवाबदेही का अभाव
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट सुचारू रूप से चल रहा है और नई पाइप लाइन भी बिछा दी गई है लेकिन सवाल यह उठता है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? करीब 100 सिलिंडरों का अचानक गायब हो जाना केवल चोरी है या इसमें विभाग के भीतर की कोई मिलीभगत, यह जांच का विषय है।
कोट
जब मैंने चार्ज संभाला तब मुझे इतने ही सिलिंडर मिले थे। पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मुझे नहीं है। अस्पताल में पहले कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं जिनकी प्राथमिकी पुलिस में दर्ज कराई गई है। चोरी हुए सामान के बारे में पुलिस ही स्थिति स्पष्ट कर पाएगी। - डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
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अरुण कुमार
काशीपुर। करीब चार सालों में सरकारी अस्पताल से करीब सौ ऑक्सीजन सिलिंडर अचानक गायब हो गए। अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ सिलिंडर चोरी होने की बात भी सामने आ रही है। अस्पताल प्रशासन इतने गंभीर विषय पर कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, महिला-पुरुष वार्ड, ट्रामा वार्ड, इमरजेंसी कक्ष आदि क्षेत्रों में होती है। चार साल पहले अस्पताल में कोरोनाकाल के समय करीब 150 छोटे-बड़े थे। कोरोना के केस बढ़ने पर संस्था या लोगों ने सिलिंडर दान भी किए थे। अचानक यह धीरे-धीरे कम होने लगे हैं। स्थिति यह है कि अब इनकी संख्या मात्र 40-50 बताई जा रही है। शेष सिलिंडर कहां गए हैं, इसकी सटीक जानकारी अस्पताल कर्मी देते नहीं बन रहे हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि करीब सौ सिलिंडर अचानक कैसे गायब हो गए। प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग सकी है। इस संबंध अस्पताल प्रशासन भी कोई सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। शेष सिलेंडर बंद पड़े पुराने टीकाकरण विभाग में रखे हुए हैं।
कुछ सिलिंडर चोरी भी हुए
सूत्राें के अुनसार, अस्पताल में नशेड़ियांं मंडराते हैं। वह मौका पाकर घटना को अंजाम दे देते थे। इस कारण से कई बार चोरियां हो चुकी है। छोटे-बड़े सिलिंडर करीब डेढ़ सौ थे। कुछ सिलिंडर चोरी हुए थे। ऑक्सीजन पाइप भी काट कर ले गए थे। इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी थी।
ऑक्सीजन की नहीं है समस्या
सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन भरपूर है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन प्लांट भी चालू हालत में है। कई मीटर पाइप लाइन भी चोरी हो गई थी। नया पाइप लगवा दिया गया है। अब यह भी सुचारू हो चुका है।
कोट:
चार्ज संभालने के समय इतने ही सिलिंडर मिले हैं। पूर्व की जानकारी हमें नहीं है। अस्पताल में कई बार चोरियां हो चुकी हैं। चोरी हुए सामान की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। अब चोरियां बंद हो गई है। सिलेंडर चोरी होने की जानकारी पुलिस बताएगी।
डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
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अस्पताल के रिकॉर्ड और सूत्रों के अनुसार चार साल पहले कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सालय में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 150 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध थे। उस संकट की घड़ी में कई सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं ने भी सिलिंडर अस्पताल को भेंट किए थे लेकिन महामारी कम होते ही सिलिंडर धीरे-धीरे कम होने लगे। आज स्थिति ये है कि इनका सही से हिसाब-किताब स्वास्थ्य महकमे के पास नहीं है।
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नशेड़ियों का जमावड़ा और सुरक्षा में चूक
अस्पताल के सूत्रों का दावा है कि परिसर में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है जो मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पूर्व में भी कई बार चोरियां हो चुकी हैं जिनमें न केवल सिलिंडर बल्कि कीमती ऑक्सीजन पाइप लाइन तक काटकर चोरी कर ली गई थी। शेष बचे कुछ सिलिंडर फिलहाल पुराने टीकाकरण विभाग के बंद कमरों में धूल फांक रहे हैं।
प्लांट भरोसे व्यवस्था, पर जवाबदेही का अभाव
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट सुचारू रूप से चल रहा है और नई पाइप लाइन भी बिछा दी गई है लेकिन सवाल यह उठता है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? करीब 100 सिलिंडरों का अचानक गायब हो जाना केवल चोरी है या इसमें विभाग के भीतर की कोई मिलीभगत, यह जांच का विषय है।
कोट
जब मैंने चार्ज संभाला तब मुझे इतने ही सिलिंडर मिले थे। पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मुझे नहीं है। अस्पताल में पहले कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं जिनकी प्राथमिकी पुलिस में दर्ज कराई गई है। चोरी हुए सामान के बारे में पुलिस ही स्थिति स्पष्ट कर पाएगी। - डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
अरुण कुमार
काशीपुर। करीब चार सालों में सरकारी अस्पताल से करीब सौ ऑक्सीजन सिलिंडर अचानक गायब हो गए। अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ सिलिंडर चोरी होने की बात भी सामने आ रही है। अस्पताल प्रशासन इतने गंभीर विषय पर कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, महिला-पुरुष वार्ड, ट्रामा वार्ड, इमरजेंसी कक्ष आदि क्षेत्रों में होती है। चार साल पहले अस्पताल में कोरोनाकाल के समय करीब 150 छोटे-बड़े थे। कोरोना के केस बढ़ने पर संस्था या लोगों ने सिलिंडर दान भी किए थे। अचानक यह धीरे-धीरे कम होने लगे हैं। स्थिति यह है कि अब इनकी संख्या मात्र 40-50 बताई जा रही है। शेष सिलिंडर कहां गए हैं, इसकी सटीक जानकारी अस्पताल कर्मी देते नहीं बन रहे हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि करीब सौ सिलिंडर अचानक कैसे गायब हो गए। प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग सकी है। इस संबंध अस्पताल प्रशासन भी कोई सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। शेष सिलेंडर बंद पड़े पुराने टीकाकरण विभाग में रखे हुए हैं।
कुछ सिलिंडर चोरी भी हुए
सूत्राें के अुनसार, अस्पताल में नशेड़ियांं मंडराते हैं। वह मौका पाकर घटना को अंजाम दे देते थे। इस कारण से कई बार चोरियां हो चुकी है। छोटे-बड़े सिलिंडर करीब डेढ़ सौ थे। कुछ सिलिंडर चोरी हुए थे। ऑक्सीजन पाइप भी काट कर ले गए थे। इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी थी।
ऑक्सीजन की नहीं है समस्या
सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन भरपूर है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन प्लांट भी चालू हालत में है। कई मीटर पाइप लाइन भी चोरी हो गई थी। नया पाइप लगवा दिया गया है। अब यह भी सुचारू हो चुका है।
कोट:
चार्ज संभालने के समय इतने ही सिलिंडर मिले हैं। पूर्व की जानकारी हमें नहीं है। अस्पताल में कई बार चोरियां हो चुकी हैं। चोरी हुए सामान की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। अब चोरियां बंद हो गई है। सिलेंडर चोरी होने की जानकारी पुलिस बताएगी।
डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर

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