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Udham Singh Nagar News: बच्चों की पढ़ाई का सफर हो गया महंगा, अभिभावक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:22 AM IST
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रुद्रपुर/काशीपुर। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने प्रदेशभर में स्कूली बस और वैन से आने-जाने का न्यूनतम किराया बढ़ा दिया है। बस में अब बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को 2200 रुपये और वैन से भेजने के लिए 2100 रुपये किराया देना होगा। एसटीए के इस निर्णय से अभिभावकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
एसटीए की ओर से स्कूल बसों और वैन के किराये में वृद्धि किए जाने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अभिभावकों का कहना है कि वैसे ही हर साल स्कूल फीस, किताबें, ड्रेस आदि में बढ़ोतरी हो रही है। अब स्कूल बसों और वैन के किराये में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी से उन आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। अभिभावकों का कहना है कि इतनी महंगाई में बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने राज्य परिवहन प्राधिकरण और सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। कई अभिभावकों ने तो निर्णय वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी तक भी दी है।
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अभिभावकों का कहना
सरकार और स्कूलों की मिलीभगत से किराये में बढ़ोतरी की गई है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस स्थिति में हम अपने बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने पर विचार करेंगे। एसटीए को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए। - दिनेश प्रजापति, रुद्रपुर
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बच्चों की पढ़ाई महंगी होती जा रही है। बसों का किराया हर साल बढ़ता है लेकिन आदमी की आय बढ़ नहीं रही है। किराया बढ़ने से बच्चों को पढ़ाने का बोझ बढ़ जाएगा। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - गौरव कुमार, रुद्रपुर
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ने कहा उनका बच्चा कुंडेश्वरी रोड स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है। जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। ऊपर से वैन का किराया बढ़ा दिया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। सरकार को यह आदेश वापस लेना चाहिए। वंदना द्विवेदी, मालवा फार्म, काशीपुर
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मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा पांच बच्चा पढ़ता है। वैन से बच्चे को स्कूल भेजते हैं। इसका करीब नौ सौ रुपये वहन करते हैं। किमी के हिसाब से दर तय की है। इससे एसटीए के आदेश दिखाकर स्कूल संचालक अभिभावकों से दोगुना किराया वसूलेंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। - संजय रावत, जसपुर खुर्द
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मेरे दो बच्चे वैन से स्कूल जाते हैं। किलोमीटर के हिसाब से स्कूल वैन और बस का किराया तय करने से अभिभावकों की कमर टूट जाएगी। सरकार को जनहित में इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। - निजाम अली, मोहल्ला बांसफोड़ान
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लोग पहले से महंगाई की मार झेल रहे हैं। अब स्कूल वैन और बस का किराया किलोमीटर के हिसाब से तय कर दिया गया है, यह गलत है। सरकार को इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। पूर्व की भांति ही किराया रहना चाहिए। - सुमित अग्रवाल, साईं धाम कॉलोनी
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एसटीए की ओर से स्कूल बसों और वैन के किराये में वृद्धि किए जाने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अभिभावकों का कहना है कि वैसे ही हर साल स्कूल फीस, किताबें, ड्रेस आदि में बढ़ोतरी हो रही है। अब स्कूल बसों और वैन के किराये में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी से उन आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। अभिभावकों का कहना है कि इतनी महंगाई में बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने राज्य परिवहन प्राधिकरण और सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। कई अभिभावकों ने तो निर्णय वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी तक भी दी है।
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अभिभावकों का कहना
सरकार और स्कूलों की मिलीभगत से किराये में बढ़ोतरी की गई है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस स्थिति में हम अपने बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने पर विचार करेंगे। एसटीए को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए। - दिनेश प्रजापति, रुद्रपुर
बच्चों की पढ़ाई महंगी होती जा रही है। बसों का किराया हर साल बढ़ता है लेकिन आदमी की आय बढ़ नहीं रही है। किराया बढ़ने से बच्चों को पढ़ाने का बोझ बढ़ जाएगा। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - गौरव कुमार, रुद्रपुर
ने कहा उनका बच्चा कुंडेश्वरी रोड स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है। जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। ऊपर से वैन का किराया बढ़ा दिया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। सरकार को यह आदेश वापस लेना चाहिए। वंदना द्विवेदी, मालवा फार्म, काशीपुर
मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा पांच बच्चा पढ़ता है। वैन से बच्चे को स्कूल भेजते हैं। इसका करीब नौ सौ रुपये वहन करते हैं। किमी के हिसाब से दर तय की है। इससे एसटीए के आदेश दिखाकर स्कूल संचालक अभिभावकों से दोगुना किराया वसूलेंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। - संजय रावत, जसपुर खुर्द
मेरे दो बच्चे वैन से स्कूल जाते हैं। किलोमीटर के हिसाब से स्कूल वैन और बस का किराया तय करने से अभिभावकों की कमर टूट जाएगी। सरकार को जनहित में इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। - निजाम अली, मोहल्ला बांसफोड़ान
लोग पहले से महंगाई की मार झेल रहे हैं। अब स्कूल वैन और बस का किराया किलोमीटर के हिसाब से तय कर दिया गया है, यह गलत है। सरकार को इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। पूर्व की भांति ही किराया रहना चाहिए। - सुमित अग्रवाल, साईं धाम कॉलोनी