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Udham Singh Nagar News: एआई को सहभागिता और संभावनाओं के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:48 AM IST
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काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बिजनेस मैनेजमेंट का तीन दिवसीय सफल समापन हुआ। नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, सहनशीलता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषयों पर केंद्रित इस सम्मेलन में विचारोत्तेजक चर्चाएं, अत्याधुनिक शोध प्रस्तुतियां और सार्थक शैक्षणिक संवाद हुए।
सम्मेलन में भारत सहित विश्वभर से आए 80 से अधिक शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्वानों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 11 विविध विषयगत ट्रैकों के अंतर्गत 60 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। सम्मेलन के समापन दिवस पर अमेरिका के वेस्टर्न रिज़र्व यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सतीश नंबिसन ने एआई-आधारित चुनौतियों के संदर्भ में पारंपरिक शासन प्रणालियों की सीमाओं पर प्रकाश डाला। अमेरिका स्थित सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वेंकटेश (वेंकी) शंकर ने भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। अमेरिका की लीहाई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के. शिवकुमार ने प्रतिभागियों को एआई को उत्पादकता, तैयारी, सहभागिता और संभावनाओं के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। जर्मनी की आरडब्ल्यूटीएच आखेन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रैंक टी. पिलर ने नवाचार प्रबंधन के संदर्भ में ‘डबल डायमंड मॉडल’ पर चर्चा की। आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, पद्मश्री प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. अंकुर सिन्हा, प्रो. एसपी राज, प्रो. सोमनाथ चक्रवर्ती, प्रो. उत्कर्ष, प्रो. देवेंद्र कुमार पाठक आदि रहे।
सम्मेलन में भारत सहित विश्वभर से आए 80 से अधिक शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्वानों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 11 विविध विषयगत ट्रैकों के अंतर्गत 60 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। सम्मेलन के समापन दिवस पर अमेरिका के वेस्टर्न रिज़र्व यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सतीश नंबिसन ने एआई-आधारित चुनौतियों के संदर्भ में पारंपरिक शासन प्रणालियों की सीमाओं पर प्रकाश डाला। अमेरिका स्थित सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वेंकटेश (वेंकी) शंकर ने भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। अमेरिका की लीहाई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के. शिवकुमार ने प्रतिभागियों को एआई को उत्पादकता, तैयारी, सहभागिता और संभावनाओं के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। जर्मनी की आरडब्ल्यूटीएच आखेन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रैंक टी. पिलर ने नवाचार प्रबंधन के संदर्भ में ‘डबल डायमंड मॉडल’ पर चर्चा की। आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, पद्मश्री प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. अंकुर सिन्हा, प्रो. एसपी राज, प्रो. सोमनाथ चक्रवर्ती, प्रो. उत्कर्ष, प्रो. देवेंद्र कुमार पाठक आदि रहे।
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