{"_id":"6a6c7c95165560e2f90977c1","slug":"former-mla-dr-singhal-filed-a-defamation-case-against-mla-adesh-chauhan-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"UK: कांग्रेस नेता आदेश सिंह चौहान पर मानहानि का आरोप, पूर्व विधायक सिंघल ने जसपुर कोर्ट में दाखिल की अर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UK: कांग्रेस नेता आदेश सिंह चौहान पर मानहानि का आरोप, पूर्व विधायक सिंघल ने जसपुर कोर्ट में दाखिल की अर्जी
Fri, 31 Jul 2026 04:14 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, जसपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जसपुर
Published by: Heera
Updated Fri, 31 Jul 2026 04:14 PM IST
सार
जसपुर के मौजूदा कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान और पूर्व भाजपा विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के बीच विवाद अब कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व विधायक ने विधायक की कथित मानहानिकारक टिप्पणी के खिलाफ जसपुर की अदालत में परिवाद दायर किया है।
विज्ञापन
अदालत
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वर्तमान और पूर्व विधायक के बीच जुबानी जंग अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गई। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी को लेकर न्यायालय में परिवाद दायर किया है। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू. डि.), जसपुर की अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन
डॉ. सिंघल का आरोप है कि विधायक आदेश सिंह चौहान ने 19 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक वीडियो में उनके दिवंगत पिता स्व. हरगोविंद प्रसाद सिंघल के संबंध में कथित रूप से निराधार, अपमानजनक और मानहानिकारक आरोप लगाए। वीडियो के व्यापक प्रसार से उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। इससे पहले 15 मई 2026 को विधायक को अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भी भेजा गया था, जिसमें कथित आपत्तिजनक सामग्री हटाने और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की गई थी। नोटिस का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए डॉ. सिंघल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 के अंतर्गत आपराधिक परिवाद दायर किया।
विज्ञापन
न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार, यह क्रिमिनल केस संख्या 303/2026 के रूप में दर्ज है और न्यायालय ने इसे विचारणीय मानते हुए विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। इसलिए आरोपों की सत्यता पर अभी कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं निकला है और दोनों पक्षों को न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन