Uttarakhand: रुद्रपुर कलक्ट्रेट बनेगा कुमाऊं का पहला वाटर प्लस ऑफिस, 78.78 लाख से लगेगा वर्षा जल संचय प्लांट
रुद्रपुर कलक्ट्रेट कुमाऊं का पहला सरकारी भवन होगा, जहां वर्षा जल का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण व उपयोग किया जाएगा। इसकी छत पर 78.78 लाख रुपये की लागत से प्री-कास्ट रूफ टॉप वर्षा जल संचय प्लांट स्थापित होगा।
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रुद्रपुर कलक्ट्रेट कुमाऊं का पहला सरकारी भवन होगा जहां वर्षा जल का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और उपयोग किया जाएगा। इसकी छत पर 78.78 लाख रुपये की लागत से प्री-कास्ट रूफ टॉप वर्षा जल संचय प्लांट स्थापित किया जाएगा। परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
परियोजना के तहत कलक्ट्रेट भवन की पूरी छत से वर्षा जल को पाइपलाइन के जरिए एकत्र किया जाएगा। इसके बाद पानी को फिल्टर कर भू-जल रिचार्ज, बागवानी और आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय के दैनिक उपयोग में लिया जाएगा। इससे गर्मियों में जल संकट के दौरान भी राहत मिलने की उम्मीद है।
भू-जल संरक्षण के साथ सरकारी खर्च में होगी बचत
परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर में सुधार करना और पानी पर होने वाले सरकारी खर्च को कम करना है। मानसून के दौरान बहकर व्यर्थ जाने वाले हजारों लीटर पानी का उपयोग सुनिश्चित होने से टैंकरों पर निर्भरता भी घटेगी।
अन्य सरकारी भवनों में भी लागू होगा मॉडल
प्रशासन के अनुसार रुद्रपुर कलक्ट्रेट में परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद इसे जिले के अन्य सरकारी भवनों और तहसीलों में भी लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल जल संरक्षण की परियोजना नहीं, बल्कि लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित करने वाला मॉडल भी बनेगा। नगर निगम के मुताबिक प्री-कास्ट रूफ टॉप वर्षा जल संचय प्लांट के लिए 78.78 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इस तकनीक के माध्यम से वर्षा जल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
प्री-कास्ट तकनीक से बनने वाला यह सिस्टम कम जगह में ज्यादा पानी स्टोर करने में सक्षम होगा। साथ ही रखरखाव में भी आसानी रहेगी। - नितिन सिंह भदौरिया, डीएम
प्री-कास्ट रूफ टॉप वर्षा जल संचय प्लांट कलक्ट्रेट की छत पर लगेगा। इसके लिए 78.78 लाख रुपये की मंजूरी मिल गई है। इस तकनीक से वर्षा के पानी का सदुपयोग होगा। - विकास शर्मा, मेयर