Rudrapur News: खाड़ी युद्ध की आंच सिडकुल तक, गैस संकट से उद्योगों का उत्पादन घटा
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर सिडकुल क्षेत्र के उद्योगों पर भी पड़ रहा है। गैस सप्लाई में कमी से उत्पादन घटकर 40 फीसदी तक पहुंच गया।
विस्तार
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब सिडकुल क्षेत्र के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई में लगातार कमी आ रही है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है। गैस की कमी के कारण कई फैक्टरियों को अपनी उत्पादन क्षमता कम करनी पड़ रही है।
सिडकुल क्षेत्र में गैस आधारित सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं जिनमें बॉयलर, हीटिंग और उत्पादन प्रक्रिया में पीएनजी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार हाल के दिनों में गैस की आपूर्ति घटने से कई इकाइयों का उत्पादन लगभग 40 फीसदी से भी कम हो गया है। इससे उद्योगों को रोजाना करोड़ों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उत्पादन लागत बढ़ने के साथ ही समय पर ऑर्डर पूरा करना भी चुनौती बन सकता है। कई कंपनियों को वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करने पर भी विचार करना पड़ रहा है जिससे खर्च और बढ़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक अब यह भी गाइडलाइन जारी हुई है कि 80 फीसदी से अधिक गैस इस्तेमाल करने पर अतिरिक्त शुक्ल चुकाना पड़ेगा।
औद्योगिक संगठनों ने इस मामले में सरकार और गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उद्योगों को पर्याप्त गैस मिल सके और उत्पादन प्रभावित न हो। वहीं, काॅमर्शियल सिलिंडर बंद होने से भी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे सिडकुल की कई इकाइयों में उत्पादन काफी कम रह गया है। यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उद्योगों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। - अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसायटी
गैस की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। हालांकि फिलहाल कर्मचारियों की संख्या या कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है लेकिन ऐसी ही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उद्योगों को कठिन फैसले लेने पड़ सकते हैं। बहरहाल स्थितियां सामान्य हो इसका इंतजार है। उम्मीद है कि उद्योगों की समस्या पर सरकार भी गंभीरता से विचार कर रही है। - एसके सिन्हा, अध्यक्ष, सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसायटी