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दोस्ती का आखिरी सफर...टांडा जंगल के सन्नाटे में थम गईं, तीन युवकों की सांसें
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गायत्री जोशी
Updated Mon, 20 Apr 2026 03:58 PM IST
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सार
मोबाइल लेने की जल्दबाजी तीन दोस्तों पर भारी पड़ गई। शादी समारोह से लौटने के बाद दोबारा हल्द्वानी निकले और टांडा जंगल में सड़क हादसे का शिकार होकर हमेशा के लिए बिछड़ गए।
अंकित, आकाश, रोहन।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
रुद्रपुर में रात की एक छोटी-सी जल्दबाजी ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। शादी समारोह से हंसी-खुशी लौटे तीन दोस्त शायद नहीं जानते थे कि कुछ देर बाद वही रास्ता उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। टांडा जंगल की सुनसान सड़क पर हुई टक्कर ने दोस्ती की इस कहानी को दर्दनाक अंत दे दिया।
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जसपुर निवासी 20 वर्षीय अनिकेत, हरिद्वार निवासी 22 वर्षीय रोहन और रामपुर निवासी 24 वर्षीय आकाश शनिवार शाम को एक साथ शादी समारोह में शामिल होने हल्द्वानी गए थे। तीनों सिडकुल में नौकरी करते थे और अक्सर साथ ही रहते-घूमते थे। रात को समारोह से लौटते समय भी तीनों हंसी-मजाक करते हुए रुद्रपुर पहुंच गए। सब कुछ सामान्य था, लेकिन तभी उन्हें पता चला कि उनमें से एक का मोबाइल हल्द्वानी में छूट गया है।
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मोबाइल वापस लाने की बात आई तो तीनों ने बिना देर किए फिर से स्कूटी उठाई। रात गहराने लगी थी, लेकिन दोस्ती और जल्दबाजी भारी पड़ गई। करीब 12 बजे तीनों दोबारा हल्द्वानी की ओर निकल पड़े। शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि यह वापसी नहीं, आखिरी सफर साबित होगा।
पंतनगर के संजय नगर से आगे टांडा जंगल में सड़क सुनसान थी। अचानक सामने से आ रही स्कॉर्पियो से स्कूटी की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जंगल की खामोशी को चीरती आवाज दूर तक सुनाई दी। राहगीर जब तक पहुंचे, तीनों दोस्त गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े थे।
पंतनगर के संजय नगर से आगे टांडा जंगल में सड़क सुनसान थी। अचानक सामने से आ रही स्कॉर्पियो से स्कूटी की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जंगल की खामोशी को चीरती आवाज दूर तक सुनाई दी। राहगीर जब तक पहुंचे, तीनों दोस्त गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े थे।
कुछ देर पहले तक साथ बैठकर शादी की बातें कर रहे तीनों युवक अब एक-दूसरे के पास निढाल पड़े थे। मदद पहुंचने से पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया। रात के सन्नाटे में तीन घरों की खुशियां बुझ चुकी थीं।
परिजनों को सूचना मिली तो मातम छा गया। जिन बेटों ने शाम को घर से हंसते हुए विदा ली थी, उनकी वापसी की खबर अब हमेशा के लिए खामोशी बन गई।
परिजनों को सूचना मिली तो मातम छा गया। जिन बेटों ने शाम को घर से हंसते हुए विदा ली थी, उनकी वापसी की खबर अब हमेशा के लिए खामोशी बन गई।
