लूटपाट का मामला: व्यापारी का पूर्व कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, पुलिसकर्मी बनकर की थी लूट
रुद्रपुर के कर्मचारियों से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हुई लूट का खुलासा करते हुए जीआरपी ने बताया कि वारदात की साजिश व्यापारी के पूर्व कर्मचारी ने रची थी जिसे मुठभेड़ के बाद तीन साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया गया।
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संपर्क क्रांति से दिल्ली जा रहे रुद्रपुर के दो कर्मचारी से चलती ट्रेन में लूट मामले में व्यापारी मनजीत के पूर्व कर्मचारी ने ही लूट की पटकथा लिखी थी। जीआरपी ने मुठभेड़ के बाद चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में घायल एक का उपचार चल रहा है।
बीते 15 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 15036 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के कोच डी-1 में सफर कर रहे रुद्रपुर के जपनीत ऑटो के मालिक और टू व्हीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह गगनेजा के दो कर्मचारी दिनेशपुर निवासी रीतिक मंडल और रुद्रपुर निवासी साहिब सिंह से हथियारों के बल पर दो लाख 50 हजार रुपये लूट लिए गए थे।
जीआरपी पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला ने बताया कि मामले में थाना जीआरपी रामपुर में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश के लिए रुद्रपुर से लेकर मुरादाबाद तक 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद जांच में चार लोगों की संलिप्तता सामने आई।
रविवार सुबह सूचना पर जीआरपी रामपुर, बिलासपुर पुलिस और आरपीएफ रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य अभियुक्त मिश्रा सिंह निवासी नानकमत्ता के बाएं पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जबकि उसके तीन अन्य साथियों गौरव निवासी रामपुरा, रुद्रपुर, गुरदेव उर्फ डेविड निवासी नानकमत्ता, भारत निवासी रामपुरा, रुद्रपुर को मौके से दबोच लिया गया। उनके कब्जे से 1,38,000 रुपये, 315 बोर के दो तमंचे, एक कारतूस और दो खोखा बरामद हुए हैं। वहीं फरार अन्य पांच अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था पूर्व कर्मचारी गौरव, दो महीने पहले छोड़ी थी नौकरी
व्यापारी मनजीत सिंह गगनेजा ने बताया कि मामले में मास्टरमाइंड गौरव ने दो महीने पहले ही नौकरी छोड़ी थी। उसने उनसे 20 हजार रुपये उधार मांगे थे लेकिन उनके मना करने पर वह नौकरी छोड़कर चला गया। मनजीत ने बताया कि अभियुक्त की गतिविधियां संदिग्ध थीं और उसका उठना बैठना अच्छे लोगों के साथ नहीं था। इसलिए वह खुद कई दिनों से उसे निकालना चाहते थे।
ऊधमसिंह नगर पुलिस खंगालेगी अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
मामले में जिले के युवकों की गिरफ्तारी को लेकर एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि चारों अभियुक्तों का आपराधिक खंगालने के उनके क्षेत्र की कोतवाली पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अभियुक्तों को कैसे मिली दिल्ली जाने की सूचना?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर अभियुक्तों को पैसे लेकर दिल्ली जाने की बात कहां से पता चली। सूचना के बाद ही वह कर्मचारी के पीछे लगे थे। इस बारे में दुकान मालिक मनजीत का कहना है कि अभियुक्त गौरव उनका पुराना कर्मचारी है। हो सकता है कि दिल्ली जाने से पहले दोनों कर्मचारी से अभियुक्त की मुलाकात हुई हो उसने यह साजिश रची।

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