Rudrapur: गेहूं के एमएसपी में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी, क्रय केंद्रों पर पहले दिन रहा सन्नाटा
राज्य में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे 2585 रुपये तय किया गया है जिससे किसानों को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
राज्य में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की गई है जो किसानों के लिए राहत की बात है। इस बार गेहूं की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दर पर की जाएगी। गेहूं खरीद के लिए नया एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले वर्ष 2425 रुपये था।
प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए सरकार ने 250 क्रय केंद्रों बनाए हैं। जहां पर एक अप्रैल से 30 जून तक खरीद होगी। खाद्य विभाग के वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेमंत जोशी के अनुसार गेहूं खरीद के लिए कुमाऊं संभाग में 185 और गढ़वाल में 65 क्रय केंद्र बनाए हैं। ऊधम सिंह नगर में 108 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। तराई में गेहूं की अधिकांश फसल खेत में खड़ी है। इसलिए खरीद में अभी 10 से 15 दिन का समय लगेगा। 15 अप्रैल के बाद गेहूं खरीद के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद हैं।
इधर, सरकार ने तय समय पर 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। कुमाऊं संभाग से 35 हजार मीट्रिक टन और गढ़वाल संभाग से 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है।
किसानों की बात
सरकार ने समर्थन मूल्य में मामूली बढ़ोत्तरी की है। इससे किसानों को कोई बढ़ी राहत नहीं मिलेगी। गेहूं की फसल पहले ही बारिश और तेज हवा से गिर चुकी है। सरकार को फसल के नुकसान का अलग मुआवजा देना चाहिए। -विक्रमजीत सिंह, किसान।
गेहूं की खरीद को लेकर पारदर्शिता बरतने की आवश्यकता है। किसानों का गेहूं खरीदने के बाद समय पर भुगतान होना चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने से मामूली राहत मिलेगी। -गुरविंदर सिंह, किसान।
पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की गई है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई है। किसान 30 जून तक गेहूं क्रय केंद्र पर बेच सकते हैं। -निर्मला बिष्ट, उपनिदेशक, कृषि विपणन बोर्ड।
रुद्रपुर के क्रय केंद्र पर पहले दिन रहा सन्नाटा
रुद्रपुर के क्रय केंद्र में गेहूं खरीद की तैयारी शुरू हो गई लेकिन पहले दिन बुधवार को दोनों क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा। कर्मचारी किसानों की राह देखते रहे। विभाग की ओर से कांटाें को दुरुस्थ करा लिया गया है। गेहूं के रखरखाव की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।