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Uk: घरों में ही सुरक्षित नहीं बहन-बेटियां, कहीं पिता तो कहीं भाई बना दरिंदा; जानें कुछ चर्चित मामले

साक्षी सक्सेना Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 26 Mar 2026 01:25 PM IST
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सार

कुमाऊं में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं जहां अधिकांश मामलों में आरोपी अपने ही परिचित या परिजन हैं। आइए जानें 

Women are unsafe even at home 1,500 cases in 5 years, most accused are acquaintances
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सरकार बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए कई पहल कर रही है। लेकिन कुमाऊं में बहन-बेटियां अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं हैं। किसी पर भाई, सौतेले पिता ने बुरी नजर डाली तो कहीं दोस्त ने अपनी महिला मित्र से दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया।

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कुमाऊं में पांच वर्षों के महिलाओं के साथ हुए अपराध में ज्यादातर आरोपी परिवार का सदस्य, रिश्तेदार या करीबी रहा। वयस्क महिलाओं से जुड़े 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में आरोपी परिचित थे जबकि पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों में 15 से 22 प्रतिशत आरोपी सगे या सौतेले परिजन रहे।

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ऊधमसिंह नगर महिला और बाल अपराधों का हॉट स्पॉट बना हुआ है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार कुमाऊं में दर्ज मामलों का 45 से 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी जिले से आता है। रुद्रपुर, काशीपुर, किच्छा और बाजपुर जैसे क्षेत्रों में घरेलू हिंसा, दुष्कर्म और पॉक्सो के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। दूसरे स्थान पर नैनीताल रहा। जहां मामलों का 25 से 30 प्रतिशत तक हिस्सा दर्ज किया गया। हल्द्वानी, लालकुआं और रामनगर क्षेत्रों में पारिवारिक और परिचितों द्वारा छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

पहाड़ी जिलों जैसे अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में 90 से 95 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित या रिश्तेदार ही निकला। स्थिति यह है कि कुमाऊं में वर्ष 2020 से लेकर 2026 जनवरी तक 1500 से ज्यादा महिलाएं अपने की हवस का शिकार बन चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2020 में 1030 मामले दर्ज हुए जो 2023 में बढ़कर 1390 तक पहुंच गए। 2024 की एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार पांच वर्षों में कुमाऊं में 350 से 400 मामले ऐसे आए जिनमें आरोपी सगा या सौतेला परिजन था।

पुलिस और प्रशासन ने भले ही कई अभियान महिला सुरक्षा को लेकर चलाये, लेकिन इसके बाद भी आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि सबसे बड़ा संकट घर की चारदीवारी के भीतर छिपा है, जहां भरोसे का रिश्ता ही कई बार अपराध में बदल जाता है।

हाल के वर्षों के कुछ चर्चित मामले

केस- 1

2019 में किच्छा में सौतेले पिता के नाबालिग से दुष्कर्म करने की घटना सामने आई थी। मामला अदालत में है।

केस- 2

2020 पिथौरागढ़ में दूर के रिश्तेदार ने शादी का झांसा देकर युवती का शोषण किया था। प्राथमिकी कर आरोपी गिरफ्तार हुआ था।

केस- 3

2021 हल्द्वानी में सगे चाचा पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप था और परिजनों को बताने के बाद मामला दर्ज हुआ था।

केस- 4

2022 अल्मोड़ा में दादा पर पोती का शोषण करने का मामला सामने आया था। बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर खुलासा हुआ था।

केस-5

2023 रुद्रपुर में चचेरे भाई ने बहन को आपत्तिजनक तस्वीर खींच ब्लैकमेल कर शोषण किया था। इसी वर्ष चंपावत में सौतेले भाई ने अपनी ही बहन से छेड़छाड़ की थी। चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद कार्रवाई हुई थी।

केस- 6

2024 में बाजपुर में मां के परिचित पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगा था। कथित मिलीभगत में मां भी गिरफ्तार हुई थी।

2025 नैनीताल के मल्लीताल में 73 वर्षीय परिचित पर 12 वर्षीय बच्ची से वाहन में दुष्कर्म का आरोप लगा था।

22 मार्च 2026 को सितारगंज में महिला ने अपने सौतले पिता पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।

महिलाओं की सुरक्षा व उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस तत्पर है। जहां महिलाओं और बच्चियाें के साथ अपराध हुआ। वहां कड़ी कार्रवाई की गई। -अजय गणपति, एसएसपी।

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