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भेड़-बकरियां नहीं, इंसान हैं: 30 सीटों में 100 मजदूर ठूंसे, 800 किराया, विरोध करने पर धमकी; ARTO ने पकड़ी बस

Thu, 13 Aug 2026 06:18 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Thu, 13 Aug 2026 06:18 AM IST
सार

रोजगार के लिए यूपी से पंजाब जा रहे 100 से अधिक मजदूरों को 30 सीटों वाली बस में भेड़-बकरियों की तरह ठूंसकर ले जाया गया। परिचालक ने प्रत्येक से 800 रुपये किराया वसूला और विरोध पर रास्ते में उतारने की धमकी दी। पढ़ें पूरा मामला

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Workers were crammed into buses for 331 kilometers from rudrapur
30 सीटों में 100 मजदूर ठूंसे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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रोजगार के लिए एक ही बस में बैठे मजदूर तबके के यात्रियों को दोहरे रूप से ठगा गया। 300 से भी ज्यादा किलोमीटर का सफर उनके गले की फांस बन गया। परिचालक ने 30 सीटों वाली बस में 100 से ज्यादा मजदूरों को भेड़- बकरियों की तरह ठूंस दिया और उनसे 800-800 रुपये किराया भी वसूल किया।

सभी मजदूरों को यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों से बैठाकर पंजाब ले जाया जा रहा था। परिचालक ने भले ही ज्यादा मुनाफे के लालच में इन मजदूरों की जान को खतरे में डाला लेकिन उसकी चालाकी नहीं चली और एआरटीओ एवं निगम की टीम ने बस को पकड़ लिया। बस में सवार मजूदरों ने जो खुलासा किया उसे सुनकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। एक के बाद एक सवारी को भेड़-बकरी की तरह ठूंसने का जब उन्होंने विरोध किया तो परिचालक ने उन्हें रास्ते में ही उतारने की धमकी दी।

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रोजगार के लिए पंजाब जा रहे मजदूर मजबूरी के आगे कुछ न बोल सके और न विरोध करने की हिम्मत जुटा सके। हैरानी की बात है कि महिला यात्रियों को भी नहीं बख्शा गया। उन्हें भी पुरुष यात्रियों के बीच बैठा रखा था।

30 सीट की बस में ठूंसी गईं थीं 103 जिंदगियां
रुद्रपुर में मंगलवार देर रात चेकिंग में बड़ी कार्रवाई की गई है। लालपुर टोल के पास चेकिंग में पंजाब जा रही यूपी नंबर की बस में महज 30 स्लीपर सीटों के परमिट के बावजूद उसमें 103 यात्री सवार मिले। बस के अंदर यात्रियों की भीड़ देख अधिकारी भी हैरान रह गए। ओवरलोडिंग के साथ परमिट और फिटनेस को लेकर भी सवाल खड़े हुए। विभाग ने बस सीज कर 1.34 लाख रुपये का चालान किया। यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई। अधिकारियों ने साफ किया कि नियम तोड़ने वाली बसों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

300 किलोमीटर तक यूपी से पुलिस और आरटीओ ने नहीं की चेकिंग
मामले में बड़ा सवाल है कि 300 किलोमीटर तक यह बस सफर करती रही, लेकिन यूपी पुलिस और प्रशासन की नजर इस बस पर नहीं पड़ी और न ही कोई कार्रवाई की गई।

रात में डेरा डाले हुए है प्रशासन
एआरटीओ के अनुसार, अब लगातार आ रहे मामले के बाद बार्डर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। एआरटीओ और उत्तराखंड परिवहन निगम की टीम क्षेत्रों में डेरा डाले हुए हैं, ताकि इन बसों का खेल बेनकाब किया जा सके। रात के समय सबसे ज्यादा एहतियात बरती जा रही है।

यात्रियों और अधिकारी के बीच बातचीत के अंश

अधिकारी : कहां से बैठे हो?

पहला यात्री : इमामगंज से।

अधिकारी : कहां जा रहे हो?

पहला यात्री : जालंधर।

अधिकारी : (दूसरे यात्री से): आप कहां से बैठे हो?

दूसरा यात्री: इमामगंज से।

अधिकारी:: कितना किराया लिया तुमसे?

दूसरा यात्री: 800 रुपये

अधिकारी : सबसे 800-800 रुपये लिए हैं?

अन्य यात्री : हां जी सर, 800 रुपये

अधिकारी : (अन्य यात्रियों से): कहां तक जाओगे तुम?

अन्य यात्री : जालंधर।

अधिकारी : कहां से बैठे हो तुम लोग?

अन्य यात्री : बहराइच से।

अधिकारी : सब एक ही जगह जा रहे हो जालंधर ही?

अन्य यात्री : हां जी।

क्षेत्रों पर निगरानी जारी है। चार बसों को सीज कर चालान किया गया है। ओवरलोड बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी है। नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रशासन

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