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Udham Singh Nagar News: सेटेलाइट एम्स का काम तेज, इसी माह शुरू होगा ओपीडी ट्रायल
Thu, 13 Aug 2026 01:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:15 AM IST
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सेटेलाइट एम्स का निर्माणाधीन भवन
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किच्छा। नगरवासियों को जल्द ही सेटेलाइट एम्स का तोहफा मिलने जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हल्द्वानी रोड पर बन रहे सैटेलाइट एम्स की ओपीडी का ट्रायल इसी महीने अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएगा। सितंबर के अंत तक मुख्य बिल्डिंग पूरी तरह से शुरू होने की संभावना है। इससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी।
एम्स का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिल होंगी। डॉक्टरों के रहने के लिए आवास भी तैयार हैं। मुख्य बिल्डिंग में कुछ काम बाकी है जिसके शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दिनों में ओपीडी ट्रायल के बाद सितंबर के अंतिम दिनों में इसे पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए 280 बेड होंगे। आपातकालीन स्थिति के लिए 13 बेड उपलब्ध होंगे। यह अस्पताल चिकित्सा क्षेत्र की हर तरह की सुविधाओं से सुसज्जित होगा। संवाद
सेटेलाइट एम्स के लाभ
जानकारों का कहना है कि एम्स का लाभ कुमाऊं के पर्वतीय जिलों को तो मिलेगा ही, साथ ही उत्तर प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर जिलों के लोग भी लाभान्वित होंगे। नेपाल के मरीज भी इसका फायदा उठा सकेंगे। एम्स के निर्माण से किशनपुर, बंडिया और खुरपिया क्षेत्र में जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। प्रॉपर्टी का कारोबार करने वाले लोग सक्रिय हो गए हैं। आदित्य चौक से लेकर एम्स तक जमीन के भाव में अचानक तेजी आई है। संवाद
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एम्स तक पहुंचने की सुविधाएं
बाहर से आने वाले मरीजों के लिए रोडवेज बस अड्डा एम्स के बराबर में ही है। यहां से रेलवे स्टेशन की दूरी भी लगभग डेढ़ किमी है। जानकारों का कहना है कि एम्स के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। यहां पर होटल, मेडिकल स्टोर, ढाबे और खानपान से संबंधित बाजार विकसित होना तय है। कुल मिलाकर, इसके उद्घाटन के बाद इस क्षेत्र को विकास के नए पंख लगने के पूरे आसार हैं। संवाद
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एम्स का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिल होंगी। डॉक्टरों के रहने के लिए आवास भी तैयार हैं। मुख्य बिल्डिंग में कुछ काम बाकी है जिसके शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दिनों में ओपीडी ट्रायल के बाद सितंबर के अंतिम दिनों में इसे पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए 280 बेड होंगे। आपातकालीन स्थिति के लिए 13 बेड उपलब्ध होंगे। यह अस्पताल चिकित्सा क्षेत्र की हर तरह की सुविधाओं से सुसज्जित होगा। संवाद
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सेटेलाइट एम्स के लाभ
जानकारों का कहना है कि एम्स का लाभ कुमाऊं के पर्वतीय जिलों को तो मिलेगा ही, साथ ही उत्तर प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर जिलों के लोग भी लाभान्वित होंगे। नेपाल के मरीज भी इसका फायदा उठा सकेंगे। एम्स के निर्माण से किशनपुर, बंडिया और खुरपिया क्षेत्र में जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। प्रॉपर्टी का कारोबार करने वाले लोग सक्रिय हो गए हैं। आदित्य चौक से लेकर एम्स तक जमीन के भाव में अचानक तेजी आई है। संवाद
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एम्स तक पहुंचने की सुविधाएं
बाहर से आने वाले मरीजों के लिए रोडवेज बस अड्डा एम्स के बराबर में ही है। यहां से रेलवे स्टेशन की दूरी भी लगभग डेढ़ किमी है। जानकारों का कहना है कि एम्स के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। यहां पर होटल, मेडिकल स्टोर, ढाबे और खानपान से संबंधित बाजार विकसित होना तय है। कुल मिलाकर, इसके उद्घाटन के बाद इस क्षेत्र को विकास के नए पंख लगने के पूरे आसार हैं। संवाद