{"_id":"6a7ccc96cf2213deb80b770f","slug":"gungun-from-jaspur-to-set-up-a-business-by-transforming-waste-into-art-rudrapur-news-c-235-1-rdp1011-147370-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: जसपुर की गुनगुन कचरे को कला में बदलकर खड़ा करेगी कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: जसपुर की गुनगुन कचरे को कला में बदलकर खड़ा करेगी कारोबार
Thu, 13 Aug 2026 01:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:12 AM IST
विज्ञापन
बेकार वस्तु को उपयोग में लाती छात्रा गुनगुन प्रजापति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जसपुर। बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं में संभावनाएं तलाशकर उन्हें उपयोगी उत्पादों में बदलने का हुनर अब राजकीय डिग्री कॉलेज की छात्रा को उद्यमिता की राह पर ले जा रहा है। कक्षा बीए की इस छात्रा ने अपने रचनात्मक कौशल को कारोबार का रूप देने के लिए ‘आमाधिया ईको स्टूडियो’ नाम से उद्यम शुरू करने की पहल की है।
सुभाष कॉलोनी निवासी गुनगुन प्रजापति को इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड की देवभूमि उद्यमिता योजना से मिला है। उनका चयन तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता प्रशिक्षण शिविर के लिए हुआ था। यहां उन्होंने उत्पाद निर्माण के साथ लागत, मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता, ब्रांड पहचान, पैकेजिंग और विपणन जैसे व्यावसायिक पहलुओं की जानकारी हासिल की। प्रशिक्षण शिविर के दौरान उनके विचार को स्पष्ट दिशा मिली और उद्यम के लिए ‘आमाधिया ईको स्टूडियो’ नाम तय किया गया। प्रस्तावित ब्रांड ‘कचरे से शिल्प’ की अवधारणा पर काम करेगा। इसके तहत अनुपयोगी सामग्री को रचनात्मक तरीके से हस्तनिर्मित, आकर्षक और उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा। छात्रा का प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। गुनगुन के पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अब गुनगुन ‘आमाधिया इको स्टूडियो’ के जरिये ‘कचरे से संपदा’ और ‘कचरे से शिल्प’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की तैयारी में हैं। देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. रजत शर्मा समेत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पुष्कर सिंह बिष्ट, सविता राठौर, डॉ. रितिका विश्नोई आदि ने छात्रा को बधाई दी।
इनसेट-
देवभूमि उद्यमिता योजना के सहयोग से छात्रा का उद्यम पंजीकरण कराया गया है। अब उनका लक्ष्य ‘आमाधिया इको स्टूडियो’ को ऐसे ब्रांड के रूप में विकसित करना है जो लोगों को कचरे को फेंकने के बजाय उसमें छिपी उपयोगिता पहचानने के लिए प्रेरित करे। - सुशील गौड़, नोडल अधिकारी, देवभूमि उद्यमिता योजना (राजकीय महाविद्यालय, जसपुर)
विज्ञापन
विज्ञापन
सुभाष कॉलोनी निवासी गुनगुन प्रजापति को इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड की देवभूमि उद्यमिता योजना से मिला है। उनका चयन तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता प्रशिक्षण शिविर के लिए हुआ था। यहां उन्होंने उत्पाद निर्माण के साथ लागत, मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता, ब्रांड पहचान, पैकेजिंग और विपणन जैसे व्यावसायिक पहलुओं की जानकारी हासिल की। प्रशिक्षण शिविर के दौरान उनके विचार को स्पष्ट दिशा मिली और उद्यम के लिए ‘आमाधिया ईको स्टूडियो’ नाम तय किया गया। प्रस्तावित ब्रांड ‘कचरे से शिल्प’ की अवधारणा पर काम करेगा। इसके तहत अनुपयोगी सामग्री को रचनात्मक तरीके से हस्तनिर्मित, आकर्षक और उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा। छात्रा का प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। गुनगुन के पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि अब गुनगुन ‘आमाधिया इको स्टूडियो’ के जरिये ‘कचरे से संपदा’ और ‘कचरे से शिल्प’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की तैयारी में हैं। देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. रजत शर्मा समेत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पुष्कर सिंह बिष्ट, सविता राठौर, डॉ. रितिका विश्नोई आदि ने छात्रा को बधाई दी।
विज्ञापन
इनसेट-
देवभूमि उद्यमिता योजना के सहयोग से छात्रा का उद्यम पंजीकरण कराया गया है। अब उनका लक्ष्य ‘आमाधिया इको स्टूडियो’ को ऐसे ब्रांड के रूप में विकसित करना है जो लोगों को कचरे को फेंकने के बजाय उसमें छिपी उपयोगिता पहचानने के लिए प्रेरित करे। - सुशील गौड़, नोडल अधिकारी, देवभूमि उद्यमिता योजना (राजकीय महाविद्यालय, जसपुर)
विज्ञापन