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Uttarkashi News: लंपी स्किन बीमारी से बचाव के लिए चलाया गोवंश टीकाकरण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 17 Feb 2026 05:24 PM IST
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31 मार्च तक चलेगा अभियातन, 12 हजार गोवंशों के टीकाकरण का है लक्ष्य
पुरोला। पशु चिकित्सालय की ओर से गोवंशों में फैल रही लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान एक फरवरी से 31 मार्च तक संचालित किया जा रहा है जिसके तहत कुल 12 हजार गोवंशों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक 3500 गोवंशों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र कठैत ने बताया कि लंपी स्किन बीमारी एक संक्रामक वायरल रोग है जो गोवंशों में तेजी से फैलता है और पशुओं के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का प्रभावी उपाय है। उन्होंने क्षेत्र के सभी गोवंश पालकों से अपील की है कि वे टीकाकरण टीम को पूरा सहयोग दें।
टीम जब गांव में पहुंचे तो पशुपालक अपने मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण से पशुओं का समुचित रिकॉर्ड तैयार होगा और भविष्य की योजनाओं का लाभ दिलाने में सुविधा होगी। इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र कठैत, त्रिलोक रावत, चंद्रमोहन, अबलदास, पशु सखी ललिता राणा, सुषमा भवानी, बनीशा रावत सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
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पुरोला। पशु चिकित्सालय की ओर से गोवंशों में फैल रही लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान एक फरवरी से 31 मार्च तक संचालित किया जा रहा है जिसके तहत कुल 12 हजार गोवंशों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक 3500 गोवंशों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र कठैत ने बताया कि लंपी स्किन बीमारी एक संक्रामक वायरल रोग है जो गोवंशों में तेजी से फैलता है और पशुओं के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का प्रभावी उपाय है। उन्होंने क्षेत्र के सभी गोवंश पालकों से अपील की है कि वे टीकाकरण टीम को पूरा सहयोग दें।
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टीम जब गांव में पहुंचे तो पशुपालक अपने मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण से पशुओं का समुचित रिकॉर्ड तैयार होगा और भविष्य की योजनाओं का लाभ दिलाने में सुविधा होगी। इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र कठैत, त्रिलोक रावत, चंद्रमोहन, अबलदास, पशु सखी ललिता राणा, सुषमा भवानी, बनीशा रावत सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।