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Uttarkashi News: मनरेगा में गड़बड़ी पर ग्राम विकास अधिकारी से वसूले जाएंगे 20 हजार
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 14 Apr 2026 06:37 PM IST
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योजना में ढिलाई पर डीएम ने दिए धनराशि वसूली के आदेश
नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल ने पात्र लाभार्थी को मनरेगा योजना का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर आर्थिक दंड लगाया है।
खंड विकास अधिकारी जौनपुर की ओर से 11 मार्च 2026 को प्रस्तुत आख्या और संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के आठ फरवरी 2026 के प्रत्यावेदन के परीक्षण में लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि मंजू देवी के आवास निर्माण के लिए 9 फरवरी 2023 को जारी कार्यादेश में स्पष्ट रूप से मनरेगा के तहत 95 कार्य दिवस का लाभ देने और आवास निर्माण में कन्वर्जेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रावधानों के अनुसार आवास सॉफ्टवेयर में वर्क कोड जनरेट होते ही मनरेगा सॉफ्टवेयर में स्वतः वर्क कोड जनरेट हो जाता है जिसके लिए अलग से आदेश की आवश्यकता नहीं होती। इसके बावजूद संबंधित ग्राम विकास अधिकारी ने प्रावधानों की जानकारी होने के बाद भी लाभार्थी को मनरेगा के तहत नियत लाभ दिलाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे पात्र लाभार्थी आर्थिक लाभ से वंचित रह गया जो लापरवाही को दर्शाता है।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई (वर्तमान तैनाती थौलधार ब्लॉक) पर 95 मानव दिवस के समतुल्य 20,235 रुपये (213 रुपये प्रतिदिन की दर से) दंड लगाया है। डीएम ने खंड विकास अधिकारी थौलधार को निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी से धनराशि की वसूली सुनिश्चित कर 15 दिन के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें।
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नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल ने पात्र लाभार्थी को मनरेगा योजना का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर आर्थिक दंड लगाया है।
खंड विकास अधिकारी जौनपुर की ओर से 11 मार्च 2026 को प्रस्तुत आख्या और संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के आठ फरवरी 2026 के प्रत्यावेदन के परीक्षण में लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि मंजू देवी के आवास निर्माण के लिए 9 फरवरी 2023 को जारी कार्यादेश में स्पष्ट रूप से मनरेगा के तहत 95 कार्य दिवस का लाभ देने और आवास निर्माण में कन्वर्जेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रावधानों के अनुसार आवास सॉफ्टवेयर में वर्क कोड जनरेट होते ही मनरेगा सॉफ्टवेयर में स्वतः वर्क कोड जनरेट हो जाता है जिसके लिए अलग से आदेश की आवश्यकता नहीं होती। इसके बावजूद संबंधित ग्राम विकास अधिकारी ने प्रावधानों की जानकारी होने के बाद भी लाभार्थी को मनरेगा के तहत नियत लाभ दिलाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे पात्र लाभार्थी आर्थिक लाभ से वंचित रह गया जो लापरवाही को दर्शाता है।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई (वर्तमान तैनाती थौलधार ब्लॉक) पर 95 मानव दिवस के समतुल्य 20,235 रुपये (213 रुपये प्रतिदिन की दर से) दंड लगाया है। डीएम ने खंड विकास अधिकारी थौलधार को निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी से धनराशि की वसूली सुनिश्चित कर 15 दिन के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें।
