{"_id":"6974bbc102d900bd1e086f52","slug":"snowfall-brings-relief-to-apple-growers-raising-hopes-for-a-good-harvest-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-117643-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: बर्फबारी से सेब उत्पादकों को मिली राहत, अच्छे उत्पादन की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: बर्फबारी से सेब उत्पादकों को मिली राहत, अच्छे उत्पादन की उम्मीद
विज्ञापन
विज्ञापन
सीजन की पहली बर्फबारी ने खिले काश्तकारों के चेहरे
नौगांव (उत्तरकाशी)। सीजन की पहली बर्फबारी ने काश्तकारों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले चार माह से क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है जिससे सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। फसल के खराब होने की आशंका से काश्तकार मायूस थे। रवांई घाटी की मशहूर स्योरी फल पट्टी बर्फ की सफेद चादर से ढकी हुई है।
स्योरी फल पट्टी सहित कफनौल के मुरालटु में एक से सवा फिट बर्फ गिरने की काश्तकार दावा कर रहे हैं कि यह सेब की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। बारिश और बर्फबारी को सेब, मटर, गेहूं और आलू की फसल के लिए भी लाभदायक माना जा रहा है। स्योरी फल पट्टी में डेढ़ लाख से अधिक सेब की पेटियों का उत्पादन होता है जिस पर बिंगसी, मटियाली, क्वाड़ी, सपेटा, नैणी, पिसाऊं, रस्टाडी, कंडाऊ, धारी, देवलसारी, नौगांव, कोटियालगांव, मुंगरा, मुराड़ी गांव के करीब 1200 परिवारों की आजीविका टिकी हुई है।
बारिश न होने से सर्दियों के मौषम में भी सूखे जैसी स्थिति उतपन्न हो गई थी और काश्तकार असिंचित भूमि पर मटर की बुवाई नहीं कर पाया था। सेब उत्पादक विजय बंधानी, अजब सिंह और जगमोहन राणा का कहना है कि काश्तकारों को बारिश की जगह सीधे बर्फबारी मिली है जो सेब की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। स्योरी फल पट्टी में एक फिट से भी ज्यादा बर्फ गिरी है जिससे उनकी उम्मीदें जगी है।
Trending Videos
नौगांव (उत्तरकाशी)। सीजन की पहली बर्फबारी ने काश्तकारों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले चार माह से क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है जिससे सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। फसल के खराब होने की आशंका से काश्तकार मायूस थे। रवांई घाटी की मशहूर स्योरी फल पट्टी बर्फ की सफेद चादर से ढकी हुई है।
स्योरी फल पट्टी सहित कफनौल के मुरालटु में एक से सवा फिट बर्फ गिरने की काश्तकार दावा कर रहे हैं कि यह सेब की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। बारिश और बर्फबारी को सेब, मटर, गेहूं और आलू की फसल के लिए भी लाभदायक माना जा रहा है। स्योरी फल पट्टी में डेढ़ लाख से अधिक सेब की पेटियों का उत्पादन होता है जिस पर बिंगसी, मटियाली, क्वाड़ी, सपेटा, नैणी, पिसाऊं, रस्टाडी, कंडाऊ, धारी, देवलसारी, नौगांव, कोटियालगांव, मुंगरा, मुराड़ी गांव के करीब 1200 परिवारों की आजीविका टिकी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश न होने से सर्दियों के मौषम में भी सूखे जैसी स्थिति उतपन्न हो गई थी और काश्तकार असिंचित भूमि पर मटर की बुवाई नहीं कर पाया था। सेब उत्पादक विजय बंधानी, अजब सिंह और जगमोहन राणा का कहना है कि काश्तकारों को बारिश की जगह सीधे बर्फबारी मिली है जो सेब की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। स्योरी फल पट्टी में एक फिट से भी ज्यादा बर्फ गिरी है जिससे उनकी उम्मीदें जगी है।

कमेंट
कमेंट X