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Uttarkashi News: 72 किमी का दुर्गम सफर तय कर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीण
Thu, 06 Aug 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:32 PM IST
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ऊर्जा निगम की लापरवाही से सेवा गांव में करंट लगने की कई हो चुकी हैं घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरोला। मूसलाधार बारिश के बीच 72 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय कर मोरी विकासखंड के सेवा गांव के ग्रामीण बुधवार को शिकायत लेकर पुरोला तहसील मुख्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद गांव में करंट की समस्या दूर नहीं की गई जिससे एक किसान झुलस चुका है और हाल ही में एक खच्चर की मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान कमला देवी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार 6 जुलाई 2026 को गांव निवासी किसान दिवान चंद खेत में काम कर रहे थे तभी विद्युत पोल से करंट लगने से वह झुलस गए। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी और बाद में देहरादून रेफर किया गया।
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इसके बावजूद निग ने समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि तीन अगस्त को उसी स्थान पर दोबारा करंट से गांव का देशराज की एक खच्चर की मौत हो गई, जबकि वह झुलस गया।
प्रधान कमला देवी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही विद्युत लाइन की तकनीकी खराबी दूर की गई। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जान-माल लगातार खतरे में बनी हुई है।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में पीड़ित किसान को शीघ्र मुआवजा दिलाने, दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, गांव की विद्युत लाइन की तकनीकी खराबी दूर करने तथा विद्युत पोलों के आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीओ रोबिन सिंह को 10 दिनों के भीतर सेवा गांव में सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरोला। मूसलाधार बारिश के बीच 72 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय कर मोरी विकासखंड के सेवा गांव के ग्रामीण बुधवार को शिकायत लेकर पुरोला तहसील मुख्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद गांव में करंट की समस्या दूर नहीं की गई जिससे एक किसान झुलस चुका है और हाल ही में एक खच्चर की मौत हो चुकी है।
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ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान कमला देवी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार 6 जुलाई 2026 को गांव निवासी किसान दिवान चंद खेत में काम कर रहे थे तभी विद्युत पोल से करंट लगने से वह झुलस गए। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी और बाद में देहरादून रेफर किया गया।
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इसके बावजूद निग ने समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि तीन अगस्त को उसी स्थान पर दोबारा करंट से गांव का देशराज की एक खच्चर की मौत हो गई, जबकि वह झुलस गया।
प्रधान कमला देवी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही विद्युत लाइन की तकनीकी खराबी दूर की गई। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जान-माल लगातार खतरे में बनी हुई है।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में पीड़ित किसान को शीघ्र मुआवजा दिलाने, दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, गांव की विद्युत लाइन की तकनीकी खराबी दूर करने तथा विद्युत पोलों के आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीओ रोबिन सिंह को 10 दिनों के भीतर सेवा गांव में सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।