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Uttarkashi News: भागीरथी के बीच जर्जर ट्राॅली में फंसी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:17 PM IST
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ग्रामीणों ने रस्सी खींचकर महिला को दूसरी छोर पर पहुंचाया
उत्तरकाशी। स्यूणा गांव के ग्रामीणों की भागीरथी नदी पर बनाई गई अस्थायी पुलिया एक बार फिर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई है। इससे ग्रामीणों को जर्जर ट्राॅली पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
शनिवार को ट्राॅली पर जा रही एक महिला कुछ देर के लिए नदी के ऊपर फंस गई। ग्रामीणों ने किसी प्रकार वहां पर रस्सी खींचकर महिला को दूसरी ओर पहुंचाया। उनका कहना है कि ट्राॅली तो लगा दी लेकिन वहां पर सुरक्षा और कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है।
चार दिन पूर्व स्यूणा गांव के ग्रामीणों ने भागीरथी के तेज बहाव में बही पुलिया के बाद दोबारा वहां पर पूरे दिन की मेहनत के बाद आवाजाही के लिए अस्थायी पुलिया का निर्माण किया था लेकिन शनिवार को यूजेवीएनएल की ओर से भागीरथी नदी में पानी छोड़ने के कारण वह अस्थायी पुलिया दूसरी बार भी बह गई। इससे ग्रामीणों को जर्जर ट्राॅली पर आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि अगर किसी व्यक्ति को गंगोरी से स्यूणा ट्राॅली पर जाना है तो उसे पहले घर से ट्राॅली के रस्सी खींचने के लिए अपने परिजनों या ग्रामीणों को बुलाना पड़ रहा है। शनिवार को स्यूणा गांव जा रही एक महिला उस समय डर गई जब ट्राॅली की रस्सी में बीच में ही फंसने के कारण वह नदी के ऊपर कई देर तक फंसी रही। दूसरी ओर आए उसके परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद रस्सी खींचकर उसे सुरक्षित निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि ट्राॅली के संचालन के लिए वहां पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। साथ ही स्कूल जाते बच्चों और आवाजाही कर रहे लोगों के लिए जर्जर ट्राॅली कभी भी बड़ी दुघर्टना का कारण बन सकती है।
ईई नवीन लाल वर्मा का कहना है कि स्यूणा से बीआरओ की सड़क का निर्माण होना है। इसलिए अब पुल का निर्माण नहीं होगा। ट्राॅली की रस्सियों पर ग्रीस लगाया गया है।
उत्तरकाशी। स्यूणा गांव के ग्रामीणों की भागीरथी नदी पर बनाई गई अस्थायी पुलिया एक बार फिर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई है। इससे ग्रामीणों को जर्जर ट्राॅली पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
शनिवार को ट्राॅली पर जा रही एक महिला कुछ देर के लिए नदी के ऊपर फंस गई। ग्रामीणों ने किसी प्रकार वहां पर रस्सी खींचकर महिला को दूसरी ओर पहुंचाया। उनका कहना है कि ट्राॅली तो लगा दी लेकिन वहां पर सुरक्षा और कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है।
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चार दिन पूर्व स्यूणा गांव के ग्रामीणों ने भागीरथी के तेज बहाव में बही पुलिया के बाद दोबारा वहां पर पूरे दिन की मेहनत के बाद आवाजाही के लिए अस्थायी पुलिया का निर्माण किया था लेकिन शनिवार को यूजेवीएनएल की ओर से भागीरथी नदी में पानी छोड़ने के कारण वह अस्थायी पुलिया दूसरी बार भी बह गई। इससे ग्रामीणों को जर्जर ट्राॅली पर आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि अगर किसी व्यक्ति को गंगोरी से स्यूणा ट्राॅली पर जाना है तो उसे पहले घर से ट्राॅली के रस्सी खींचने के लिए अपने परिजनों या ग्रामीणों को बुलाना पड़ रहा है। शनिवार को स्यूणा गांव जा रही एक महिला उस समय डर गई जब ट्राॅली की रस्सी में बीच में ही फंसने के कारण वह नदी के ऊपर कई देर तक फंसी रही। दूसरी ओर आए उसके परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद रस्सी खींचकर उसे सुरक्षित निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि ट्राॅली के संचालन के लिए वहां पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। साथ ही स्कूल जाते बच्चों और आवाजाही कर रहे लोगों के लिए जर्जर ट्राॅली कभी भी बड़ी दुघर्टना का कारण बन सकती है।
ईई नवीन लाल वर्मा का कहना है कि स्यूणा से बीआरओ की सड़क का निर्माण होना है। इसलिए अब पुल का निर्माण नहीं होगा। ट्राॅली की रस्सियों पर ग्रीस लगाया गया है।