कोरबा में बुधवार को कटघोरा वन मंडल के ग्राम मुढाली में पिछले कई दिनों से एक एशियन पाम सिवेट (बज्जू) पानी की निर्माणाधीन टंकी में गिरा हुआ था। नोवा नेचर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राकृतिक रहवास में छोड़ा। इस सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और वन विभाग ने राहत की सांस ली।
दरअसल, हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम मुढाली में बन रही पानी की टंकी में एक बज्जू गिर गया था। ग्रामीणों ने उसे बचाने के लिए टंकी में सीढ़ी लगा दी, ताकि वह खुद बाहर निकल सके। लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी वह नहीं निकल पाया। इसके बाद गांव के युवक भूपेंद्र दास ने तत्काल नोवा नेचर टीम के जितेंद्र सारथी को सूचना दी।
जानकारी मिलते ही जितेंद्र सारथी ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को अवगत कराया। डीएफओ के मार्गदर्शन में टीम सदस्य राजू बर्मन और बबलू मारवा को तुरंत ग्राम मुढाली रवाना किया गया। गांव पहुंचकर टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे तक चला यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा रहा। आखिरकार सूझबूझ और मेहनत से बज्जू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पंचनामा तैयार करने के बाद वन विभाग ने उसे जंगल में उसके प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कटघोरा रेंजर शुभम मिश्रा, बिट प्रभारी रज्जन सिंह, परिक्षेत्र सहायक संतोष कुमार रात्रे के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि एशियन पाम सिवेट रात्रिचर जीव है। यह रात में सक्रिय रहता है और दिन में पेड़ों या सुरक्षित स्थानों पर आराम करता है। इसका आहार सर्वाहारी होता है। फल, जामुन, कीट-पतंगे, छोटे जीव और पक्षियों के अंडे खाता है। यह बीजों के प्रसार में अहम भूमिका निभाता है, जिससे वन पारिस्थितिकी संतुलित रहती है। यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है, जिसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि वन्यजीव हमारी जैव-विविधता की धरोहर हैं। ये प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण हैं। ऐसे जीव दिखने पर तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। ग्रामीणों की सजगता से बज्जू की जान बच गई।