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The government should immediately conduct a survey of the crops destroyed by the hailstorm: Nirbhay Singh
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ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाए सरकार : निर्भय सिंह
रतिया। ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की फसल की तुरंत गिरदावरी करवाने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर मंगलवार को किसान रेस्ट हाउस में किसानों की बैठक हुई। बैठक के बाद किसानों ने एसडीएम रतिया को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक गिरदावरी शुरू नहीं हुई तो भाजपा नेताओं के घरों का घेराव किया जाएगा।
जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि रतिया क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है, लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार को बिना देरी किए नुकसान का आकलन करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए।
निर्भय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसान पहले ही परेशान हैं। धान खरीद में प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा, किसानों का पंजीकरण रद्द होने और दोबारा पंजीकरण करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने जैसी समस्याओं से किसानों को जूझना पड़ा है। अब ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के बाद भी गिरदावरी में देरी की जा रही है।
किसानों ने मांग की कि ओलावृष्टि से प्रभावित खेतों की तुरंत गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में धान खरीद के लिए नमी की सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत की जाए। इसके अलावा धान खरीद पर लागू 28 क्विंटल प्रति एकड़ की शर्त हटाई जाए और जिन किसानों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनका पंजीकरण तत्काल बहाल किया जाए।
इस दौरान गुरप्रीत सिंह दादूपुर, तरसेम सिंह भुंदड़वास, सरदूल सिंह हुक्मवाली और कर्मजीत सिंह मुदड़ी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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