बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। राज्य की राजनीति में हर दिन नए समीकरण बन रहे हैं और इसी बीच एनडीए (NDA) ने भी अपनी जीत की रणनीति को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने अमर उजाला से खास बातचीत में एनडीए के प्लान और विपक्ष की चुनौतियों पर खुलकर बात की। मौर्य ने कहा कि बिहार में जनता अब “विकास बनाम वंशवाद” के बीच स्पष्ट अंतर देख रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार की जनता फिर से स्थिर और मज़बूत सरकार को चुनेगी। उनके मुताबिक, एनडीए का फोकस इस बार जातीय समीकरणों से आगे बढ़कर विकास, रोज़गार और युवाओं की आकांक्षाओं पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की रणनीति केवल मोदी विरोध तक सीमित है, जबकि जनता अब ठोस योजनाओं और बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रही है। मौर्य ने विश्वास जताया कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की एकजुटता और ज़मीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत से एनडीए बिहार में भारी बहुमत से सरकार बनाएगा। मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए का अभियान इस बार “विकास की गारंटी” के नारे पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचा है, और यही एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है।
क्या विपक्ष इस रणनीति का तोड़ निकाल पाएगा? या फिर एक बार फिर बिहार में एनडीए का परचम लहराएगा? इन सवालों के जवाब मिलेंगे अमर उजाला के इस विशेष राजनीतिक विश्लेषण में..