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Maharashtra Nagar Nigam Row: Sharad Pawar's NCP can become the kingmaker in these two municipal corporations!
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Maharashtra Nagr Nigam Row: इन दो नगर निगम में शरद पवार की NCP बन सकती है किंगमेकर!
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sun, 25 Jan 2026 08:45 PM IST
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महाराष्ट्र की नगर राजनीति में एक नया और दिलचस्प समीकरण उभरकर सामने आया है। सांगली और अकोला नगर निगम चुनावों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि भले ही भारतीय जनता पार्टी दोनों निकायों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन बहुमत से चूकने के कारण सत्ता की चाबी अब उसके हाथ में नहीं है। इस स्थिति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) यानी एनसीपी (एसपी) की भूमिका निर्णायक बन गई है। महज तीन-तीन पार्षदों के साथ यह दल दोनों नगर निगमों में “किंगमेकर” की भूमिका में आ गया है।
78 सदस्यीय सांगली-मिरज-कुपवाड़ नगर निगम में भाजपा को 39 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत के लिए 40 सीटों की जरूरत है। सिर्फ एक सीट की कमी ने भाजपा की राह मुश्किल कर दी है। कांग्रेस को 18 सीटें, अजित पवार गुट की एनसीपी को 16 सीटें, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को दो सीटें और एनसीपी (एसपी) को तीन सीटें मिली हैं। इस गणित में एनसीपी (एसपी) के तीन पार्षद सत्ता संतुलन तय करने की स्थिति में आ गए हैं।
भाजपा अब बहुमत के लिए छोटे दलों और निर्दलीयों का समर्थन जुटाने की कोशिश में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (एसपी) के पार्षदों से भी संपर्क साधा जा रहा है। हालांकि सांगली में एनसीपी (एसपी) के पार्षद अभिजीत कोली ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी महाविकास आघाड़ी के घटक के तौर पर चुनी गई है और अगला कदम पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर ही तय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी सत्ता में रहे या विपक्ष में, जनहित और विकास के मुद्दों पर काम करती रहेगी।
अकोला नगर निगम में भी हालात कुछ इसी तरह हैं। यहां कुल 80 सदस्य हैं और बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत है। भाजपा को 38 सीटें मिली हैं, यानी बहुमत से तीन सीटें कम। कांग्रेस ने 21 सीटें जीती हैं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को छह सीटें मिली हैं और एनसीपी (एसपी) के खाते में भी यहां तीन सीटें आई हैं। इसके अलावा एनसीपी और शिवसेना (शिंदे) को एक-एक सीट मिली है, जबकि एआईएमआईएम, वीबीए और निर्दलीय मिलाकर 10 पार्षद अन्य दलों के तौर पर मौजूद हैं।
इस जटिल गणित में एनसीपी (एसपी) एक बार फिर निर्णायक भूमिका में है। अकोला को लेकर एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर सभी दलों के बीच बातचीत चल रही है, ताकि विकास और जनकल्याण पर केंद्रित एक स्थानीय गठबंधन बनाया जा सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन दलों के नाम या चुनाव चिह्न से ज्यादा स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय किया जाना चाहिए।
दोनों नगर निगमों में भाजपा के सामने अब दोहरी चुनौती है या तो बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाया जाए या फिर विपक्ष में बैठकर नई रणनीति बनाई जाए। फिलहाल साफ है कि सांगली और अकोला दोनों में सत्ता की चाबी एनसीपी (एसपी) के हाथ में है। आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक बातचीत यह तय करेगी कि नगर राजनीति में यह किंगमेकर किसके साथ जाकर सत्ता की तस्वीर बदलेगा।
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