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PM Modi Jhalmuri Video: पीएम मोदी की झालमुड़ी वाली वीडियो देखी क्या?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Sun, 19 Apr 2026 07:45 PM IST
पश्चिम बंगाल की सियासत जहां इन दिनों चुनावी रैलियों और तीखे भाषणों से गरमाई हुई है, वहीं झाड़ग्राम से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजनीतिक माहौल के बीच मानवीय जुड़ाव की एक अलग कहानी लिख दी।
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी झाड़ग्राम में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद हेलिपैड की ओर लौट रहे थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और लंबा काफिला… सब कुछ तय प्रोटोकॉल के तहत चल रहा था। लेकिन तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसने हर किसी को चौंका दिया।
प्रधानमंत्री का काफिला अचानक सड़क किनारे रुक गया। सामने थी एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान। बिना किसी पूर्व सूचना के पीएम मोदी गाड़ी से उतरे और सीधे उस दुकान की ओर बढ़ गए। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाए कि हो क्या रहा है।
इस छोटी सी दुकान को चलाने वाले विक्रम साह, जो मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं, पिछले 12 वर्षों से झाड़ग्राम में अपना कारोबार कर रहे हैं। उनके लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। विक्रम बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने बेहद सहज अंदाज में उनसे कहा “बढ़िया झालमुड़ी बनाओ।”
इसके बाद विक्रम ने मिर्च, मसाले और अचार का खास मिश्रण तैयार कर पीएम मोदी को झालमुड़ी परोसी। प्रधानमंत्री ने स्वाद चखा और मुस्कराते हुए कहा “बढ़िया बना है।” यह एक साधारण संवाद था, लेकिन उस पल की खासियत इसे असाधारण बना रही थी।
हालांकि, यह मुलाकात केवल स्वाद तक सीमित नहीं रही। पीएम मोदी ने वहां खड़े छोटे बच्चों को अपने पास बुलाया और अपने हाथों से उन्हें झालमुड़ी खिलाई। यह दृश्य देखते ही आसपास खड़े लोगों में उत्साह और भावनाएं उमड़ पड़ीं। स्थानीय महिलाएं भी उनसे मिलने के लिए आगे आईं और प्रधानमंत्री ने उनसे बातचीत भी की।
जैसे ही यह खबर आसपास फैली, भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका नारों से गूंज उठा “जय श्री राम” और “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद” के नारे लगातार सुनाई देने लगे। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर थी, लेकिन प्रधानमंत्री की सहजता ने माहौल को सकारात्मक बनाए रखा।
विक्रम साह के लिए यह अनुभव उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी बन गया है। एक आम दुकानदार के पास बिना किसी औपचारिकता के देश के प्रधानमंत्री का पहुंचना, उनके साथ संवाद करना और उनके हाथ की बनी चीज का स्वाद लेना यह सब कुछ उन्हें हमेशा याद रहेगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला फिर से आगे बढ़ा और वे हेलिपैड की ओर रवाना हो गए। लेकिन झाड़ग्राम की उस छोटी सी दुकान पर घटा यह लम्हा अब एक बड़ी कहानी बन चुका है।
राजनीतिक हलचल के बीच यह घटना एक अलग संदेश भी देती है कि सत्ता के शिखर पर बैठे व्यक्ति और आम जनता के बीच की दूरी कभी-कभी ऐसे छोटे-छोटे पलों में सिमट जाती है।
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