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Ram Mandir Donation Case: Amidst the theft of Ram Mandir offerings, Uddhav launches a scathing attack; a furio
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Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बीच उद्धव का बड़ा हमला, भड़की भाजपा दी ये खुली चेतावनी!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Mon, 29 Jun 2026 12:48 AM IST
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को परभणी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर को आस्था और श्रद्धा का केंद्र होना चाहिए था, वह अब “मंदिर कम, दुकान ज्यादा” बन गया है। उद्धव ठाकरे ने भाजपा के पुराने चुनावी नारे “मंदिर वहीं बनाएंगे” का उल्लेख करते हुए कहा, “अब समझ में आया कि मंदिर क्यों बनवाना था।” उनके इस बयान का आशय यह था कि मंदिर के नाम पर राजनीति की गई और अब उससे जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं तथा चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ठाकरे ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और कहा कि आस्था के केंद्रों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और भाजपा नेताओं ने इसे भगवान भगवान राम तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा कि “जो जैसा होता है, वैसा ही उसे दिखाई देता है, जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान उद्धव ठाकरे ने हरे रंग को अपनाया और उनकी राजनीति पर पाकिस्तान, बाबर तथा उसी संस्कृति का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। दरेकर ने कहा कि जो पार्टी राष्ट्रवाद, देशभक्ति और हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास करती है, उसके खिलाफ इस प्रकार के बयान देना बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विरासत का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे को देवेंद्र फडणवीस की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भाजपा अपनी नेतृत्व क्षमता और संगठन के बल पर पूरी तरह सक्षम है। दरेकर ने विश्वास जताया कि भाजपा अपने नेताओं का ध्यान स्वयं रख सकती है और उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी की स्थिति पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इस बयानबाजी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में मंदिर, हिंदुत्व और धार्मिक आस्था को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। एक ओर शिवसेना (यूबीटी) भाजपा पर धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इसे हिंदुत्व और भगवान राम के सम्मान पर हमला बताते हुए उद्धव ठाकरे को घेर रही है। दोनों दलों के बीच यह विवाद आगामी राजनीतिक माहौल में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रहने की संभावना है।
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