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Ram Mandir Donation Scam: Opposition leaders make a major demand following the resignations of Champat Rai and
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Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय -अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद विपक्षी नेताओं ने कर दी ये बड़ी मांग!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 07 Jul 2026 03:30 AM IST
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "अभी तो बस इस्तीफा स्वीकार हुआ है। बड़ी मछली में नृपेंद्र मिश्रा हैं, चंपत राय बंसल हैं, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी और गोपाल राव हैं। इन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए तब प्रकरण समझ आएगा। इनके रहते इस तरह चोरी हुई है, ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आज की बैठक से कोई संतुष्टि नहीं है... वही लोग हैं, जो इसमें शामिल रहे हैं। ट्रस्ट की जो बॉडी है, उसे तत्काल भंग करें। इसमें सम्मानित शंकराचार्यों, धार्मिक नेताओं और अयोध्या के उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जो पीढ़ियों से प्रभु की सेवा कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा, "ट्रस्ट के जितने लोग हैं वे चोरी के लिए अंतिम रूप से जिम्मेदार हैं। मुझे लगता है कि जानबुझकर ये मामले का विषयांतर कर रहे हैं और गुनहगारों को बचाने की साजिश हो रही है। जहां तक ट्रस्ट की बात है, यह कैसे कहा जा सकता है कि ट्रस्ट के लोग चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है? वहां का रखरखाव, दौलत, चढ़ावा, ट्रस्ट के पदाधिकारी की जिम्मेदारी थी। चंपत राय गुनहगार की श्रेणी में आते हैं.
AAP नेता संजय सिंह ने कहा, "मैंने SIT को पहले 13 दस्तावेज दिए थे.मैं उनकी प्रक्रिया को नहीं जानता हूं। प्रधानमंत्री मोदी उसमें अपने लोगों को क्यों बैठाना चाहते हैं। जिन लोगों ने अपना पूरा जीवन उसमें खपाया है तो ऐसे धर्माचार्यों को मंदिर का संचालन सौंप देना चाहिए।"
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महत्वपूर्ण बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य हर स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना है और इसी भावना के साथ पूरे मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है। गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चोरी हुई है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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