Hindi News
›
Video
›
India News
›
SIR In West Bengal: Athawale hits back at Mamata Banerjee's statement, makes shocking claim about fake voters!
{"_id":"6968053b5c24d2be7d0cf179","slug":"sir-in-west-bengal-athawale-hits-back-at-mamata-banerjee-s-statement-makes-shocking-claim-about-fake-voters-2026-01-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"SIR In West Bengal: अठावले ने किया ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार,फर्जी वोटरों किया चौंकाने वाला दावा!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SIR In West Bengal: अठावले ने किया ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार,फर्जी वोटरों किया चौंकाने वाला दावा!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Thu, 15 Jan 2026 05:00 AM IST
Link Copied
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा, "चुनाव आयोग का काम ही है बोगस वोटों को काटना। चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया ही इसलिए शुरू की ताकि जो अवैध वोटर्स हैं उनका नाम काटा जा सके। ये उनका अधिकार है.54 लाख लोगों के वोट काटे गए। इनमें से कई वोट तो भाजपा के भी हो सकते हैं। ममता बनर्जी की सरकार जाने वाली है और वहां भाजपा की सरकार आने वाली है इसलिए ममता बनर्जी हर विषय पर बवाल करती हैं। ममता बनर्जी के आरोप में कोई तथ्य नहीं है
पश्चिम बंगाल में अक्सर 'बोगस वोटिंग' (फर्जी मतदान) और मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम होने के आरोप लगते रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कुछ प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में अठावले ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को शुद्ध करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत, चुनाव आयोग के पास स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की पूरी शक्ति है। अठावले के बयान के निहितार्थ निम्नलिखित हैं आयोग का प्राथमिक काम यह सुनिश्चित करना है कि केवल 'वैध' भारतीय नागरिक ही मतदान करें। बीएलओ (Booth Level Officers) घर-घर जाकर डेटा का मिलान करते हैं। यदि कोई अवैध या संदिग्ध नाम मिलता है, तो उसे उचित प्रक्रिया के बाद सूची से काट दिया जाता है।
अठावले का तर्क है कि इस प्रक्रिया को किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जाना चाहिए।पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों (जैसे भाजपा) का आरोप रहा है कि सत्ताधारी दल के संरक्षण में कई 'अवैध घुसपैठियों' के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। वहीं, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी का तर्क है कि इस प्रक्रिया के नाम पर वैध मतदाताओं (विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय) के नाम काटे जाने की साजिश हो सकती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।