मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से वन्यजीव प्रेमियों को मायूस करने वाली खबर सामने आई है। लालबर्रा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कंजई के पास एक नहर के किनारे तेंदुए के शावक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृत शावक का शव मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
वन विकास निगम लामता परियोजना मंडल बालाघाट के संभागीय प्रबंधक सुंदर निवेदन से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना कंजई के राजस्व क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 750 के पास की है। 23 अक्टूबर की शाम को वन विभाग को सूचना मिली थी कि नहर किनारे एक तेंदुए का शावक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और शव को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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अगले दिन, 24 अक्टूबर को वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम की देखरेख में शावक का पोस्टमार्टम (पीएम) सम्मानपूर्वक कराया गया। इसके बाद, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों और शासकीय प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आपसी संघर्ष की आशंका, जांच जारी
शावक की मौत कैसे हुई, इसे लेकर वन विभाग अभी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। प्राथमिक जांच और शावक के शरीर पर मिले निशानों के आधार पर अधिकारियों का अनुमान है कि यह मौत किसी अन्य तेंदुए से आपसी संघर्ष या फिर किसी बड़े जंगली जानवर के हमले के कारण हुई होगी। हालांकि, अधिकारी किसी भी अन्य संभावना (जैसे शिकार या जहर) से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि मौत के पुख्ता और वास्तविक कारणों का सटीक खुलासा विसरा रिपोर्ट और विशेषज्ञों की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल वन विभाग की टीमें आसपास के जंगलों में गश्त कर रही हैं ताकि अन्य वन्यजीवों की हलचल और सुरक्षा का जायजा लिया जा सके।